US appeals court allows social media addiction lawsuits against Meta Google TikTok and Snap
अमेरिकी अपील्स कोर्ट के फैसले के बाद Meta, Google, TikTok और Snap के खिलाफ हजारों मुकदमों के आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।

Social Media Addiction Case: अमेरिका की 9वीं यूएस सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने Meta, Google, TikTok और Snap को बड़ी राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कंपनियों की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के कथित लत लगाने वाले डिजाइन को लेकर दायर हजारों मुकदमों को शुरुआती चरण में ही रोकने की मांग की थी। इन मामलों में आरोप है कि कंपनियों ने युवाओं को लंबे समय तक प्लेटफॉर्म पर बनाए रखने वाले डिजाइन तैयार किए, जिससे उनके मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा।

3,000 से ज्यादा मुकदमे आगे बढ़ेंगे

सैन फ्रांसिस्को स्थित 9वें सर्किट कोर्ट ने Meta और TikTok की अपील खारिज करते हुए निचली अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसके तहत 3,000 से अधिक संघीय मामलों को आगे बढ़ने की अनुमति मिली थी। मुकदमों में प्लेटफॉर्म के डिजाइन और उसके कथित प्रभावों को लेकर कंपनियों पर सवाल उठाए गए हैं।

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कंपनियों ने Communications Decency Act की Section 230 का सहारा लेते हुए दलील दी थी कि उन्हें यूजर्स के कंटेंट से जुड़ी जिम्मेदारी से सुरक्षा मिलती है। लेकिन अपील कोर्ट ने कहा कि Section 230 मुकदमे से पूरी तरह छूट नहीं देती, बल्कि यह दायित्व से बचाव का आधार है। इसलिए इस स्तर पर कंपनियों की अपील को समय से पहले माना गया।

Meta की मल्टीस्टेट ट्रायल टालने की मांग भी खारिज

अदालत ने Meta की उस मांग को भी ठुकरा दिया, जिसमें 29 राज्यों के अटॉर्नी जनरल की ओर से दायर मल्टीस्टेट मामले की सुनवाई टालने की अपील की गई थी।

इस मामले में आरोप है कि Meta ने बच्चों का डेटा गलत तरीके से इकट्ठा किया, युवाओं को प्लेटफॉर्म पर बनाए रखने के लिए डिजाइन तैयार किए और अपने प्लेटफॉर्म की सुरक्षा को लेकर उपभोक्ताओं को गुमराह किया। इस मामले की सुनवाई 12 अगस्त से शुरू होने वाली है।

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न्यू मैक्सिको के फैसले के बाद बढ़ा दबाव

यह फैसला ऐसे समय आया है जब न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने हाल ही में Meta को युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामले में 567 मिलियन डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया है। इससे पहले जूरी Meta पर 375 मिलियन डॉलर का सिविल पेनल्टी भी लगा चुकी थी। दोनों को मिलाकर Meta की देनदारी 942 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई है।

न्यू मैक्सिको के मामले में अदालत ने Meta के प्लेटफॉर्म को लेकर कई बदलाव करने के भी निर्देश दिए हैं। कंपनी ने इस फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही है।

टेक कंपनियों के खिलाफ बढ़ते मुकदमे

सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ अमेरिका में मुकदमों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। स्कूल जिलों, राज्यों और व्यक्तिगत यूजर्स की ओर से Meta, TikTok, Snap और YouTube के खिलाफ ऐसे मामले दायर किए गए हैं, जिनमें आरोप है कि प्लेटफॉर्म के डिजाइन ने युवाओं में अत्यधिक इस्तेमाल और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को बढ़ावा दिया।

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मार्च में लॉस एंजिलिस की एक जूरी ने Meta और Google को एक युवा यूजर से जुड़े मामले में उनके प्लेटफॉर्म के कथित लत लगाने वाले डिजाइन को लेकर जिम्मेदार ठहराया था। जूरी ने युवा महिला को 6 मिलियन डॉलर का हर्जाना देने का आदेश दिया था।

नए फैसले के बाद अब हजारों संघीय मामलों की सुनवाई आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। इससे टेक कंपनियों की जवाबदेही और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के डिजाइन को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई और तेज होने की संभावना है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।