रायपुर। प्रदेश की राजधानी रायपुर में गणेशोत्सव पर झांकियों की धूम रही। सोमवार की रात को झांकी देखने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। इस बार झांकी में अलग ही नजारा दिखाई दिया। अनेक पौराणिक प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भक्तिभाव से सराबोर कर दिया वहीं जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले के जवाब में सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर से आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट करने की झांकी ने देशभक्ति की भावना जगाई। साथ ही कुछ झांकियों में छत्तीसगढ़ी पर्व, त्यौहारों की झलक दिखाई दी। गणपति बप्पा भी पारंपरिक छत्तीसगढ़ी परिधान धारण किए श्रद्धालुओं पर कृपा बरसा रहे थे।
राजनीतिक मंचों से बरसाए फूल
आधी रात को जयस्तंभ चौक के चारों ओर हजारों श्रद्धालु झांकी निहारने के लिए खड़े रहे। भीड़ का यह आलम था कि लोगबाग स्वयं नहीं चल रहे थे, बल्कि भीड़ की धक्कामुक्की से आगे बढ़ते जा रहे थे। शारदा चौक से जयस्तंभ चौक और इसके आगे मालवीय रोड, कोतवाली चौक, सदरबाजार, सत्तीबाजार, ब्राम्हणपारा, कंकालीपारा, लाखेनगर इलाके में बनाए गए विविध राजनीतिक मंचों से नेताओं ने झांकियों पर फूल बरसाकर स्वागत किया। नेताओं में सांसद एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, विधायक पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, शिवसेना के धनंजय परिहार सहित अनेक समाजसेवी संगठनों के मंचों से झांकियों का स्वागत किया गया।
प्रतिबंध के बावजूद डीजे की धुन
प्रशासन ने गणेश विसर्जन झांकी में डीजे पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था। इसके बावजूद अनेक झांकियों में डीजे की धूम रही। कोतवाली चौक के समीप पुलिस प्रशासन ने कुछ डीजे वालों पर कार्रवाई की, डीजे जब्त किया, इसके बाद झांकियों को जाने दिया। इस वजह से कई बार झड़प की नौबत आई। पुलिस की सख्ती के चलते ज्यादातर गणेश समिति वालों ने बाजा, ढोल, धुमाल के साथ झांकियां निकाली।
राजनांदगांव से आई अनेक झांकियां
इससे पूर्व शनिवार को राजनांदगांव में झांकियां निकाली गई थी, वहां से अनेक झांकियों को रायपुर लाया गया। सोमवार की सुबह झांकियों को राजधानी लाकर पुनःतैयार किया गया। राजनांदगांव से झांकियां लाए जाने के कारण ही राजधानी रायपुर में अनंत चतुर्दशी के दो दिन बाद झांकियां निकालने की परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है।
महादेवघाट कुंड में विसर्जन
विविध मागों से झांकियां लाखेनगर मुख्य मार्ग से खारुन नदी के महादेवघाट तट के समीप बनाए गए विसर्जन कुंड ले जाया गया। पिछले तीन दिनों में अब तक 10 हजार से अधिक छोटी बड़ी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा चुका है। नगर निगम प्रशासन ने चार दिनों तक विसर्जन की व्यवस्था की है।


