दुर्ग। छत्तीसगढ़ की दुर्ग जिले की पुलिस ने शातिर इरानी गैंग के दो सदस्यों को पकड़ा है। दोनों आरोपी खुद को पुलिस का अधिकारी बताकर चोरी की घटना को अंजाम देते थे। इस दौरान आरोपी आलमारी में रखे आभूषणों की चोरी कर लेते थे। यह गिरोह इसी तरह से दुर्ग क्षेत्र में अबतक के चार घटनाओं को अंजाम दे चुका है।

किस तरह हुई वारदात

दुर्ग पुलिस द्वारा 4 अलग-अलग स्थानों पर चोरी एवं लूट की घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों का धरपकड़ कर उनके खिलाफ ऑपरेशन विश्वास के तहत कार्रवाई की गई।

शिकायतकर्ता टामिन बंजारे पिता जागेश्वर बंजारे 20 वर्ष ने 4 नवंबर को रिपोर्ट दर्ज करायी कि दोपहर 12.45 बजे से 13.15 बजे के बीच 2 अज्ञात व्यक्ति सिविल कपड़ा मे उसके घर आये और अपने आप को पुलिस वाला बताकर तलाशी लेने लगे।

ड्रग्स, गांजा बेचने का लगाया आरोप

इस दौरान आरोपियों ने पीडिता को कहा कि तुम लोग ड्रग्स, गांजा बेचते हो तुम्हारे खिलाफ पाटन थाना में शिकायत है। आरोपी तलाशी के दौरान घर में रखे आलमारी से सोने का मंगलसूत्र, पायल, बिछिया व कान का झुमका चोरी कर ले गये।

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रिपोर्ट पर थाना उतई में अपराध क्रंमाक 444/2025 धारा 305(क), 332 बीएनएस का अपराध दर्ज कर जाँच में लिया गया। विवेचना के दौरान ग्राम मर्रा, गाड़ाडीह, पाटन से रायपुर जाने वाले रास्ते में लगे सीसीटीव्ही फुटेज को चेक किया गया। जहॉ आरोपी का सीसीटीव्ही फुटेज मिलने पर आरोपियों की फोटो को पहचान के लिए आसपास के जिले और थानों में सकुर्लेट किया गया था।

गैंग ने रायपुर से आकर वारदात को दिया अंजाम

जांच में पता चला कि आरोपियों का हुलिया और तरीका ईरानी गैंग की तरह था, जिस पर रायपुर क्राईम ब्रांच की मदद से आरोपियों की पहचान करने में मदद मिली। आरोपियों की पहचान मिस्कीन खान उम्र 38 वर्ष निवासी दलदल सिवनी ईरानी डेरा रायपुर और महवाल अली 35 वर्ष निवासी दलदल सिवनी ईरानी डेरा रायपुर के रूप में हुई।

एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर थाना उतई पुलिस द्वारा एक टीम गठित कर आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगाया गया।आरोपी घटना के बाद से फरार थे। मुखबिर की मदद से दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। आरोपियों से पूछताछ करने पर पहले तो पुलिस को लगातार ईधर-उधर की बात करके गुमराह करते रहे। बाद में सबूत के माध्यम से कड़ाई से पूछताछ करने पर सोने चांदी के जेवरात की चोरी करना स्वीकार किये।

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चश्मा बेचने के नाम पर करते थे रेकी

आरोपियों ने बताया कि वे लोग घूम-घूम कर फेरी लगाकर चश्मा बेचने का कार्य करते हैं और चश्मा बेचने के दौरान क्षेत्र की रेकी कर अपराध को अंजाम देते थे।

4 नवंबर को आरोपी मिस्कीन अली व महवाल अली के द्वारा अपने नीला रंग के वाहन स्कूटी एक्सेस 125 बिना नंबर में लूटपाट और चोरी के उद्धेश्य से रायपुर निवास से अमलेश्वर होते हुए पाटन पहुंचे थे। वे ग्राम मुर्रा में गये और कुछ दूरी पर एक मकान जो खेत में स्थित है, घर में जाकर खुद को पुलिस वाला व पत्रकार बताकर घर में घुसे और चोरी की घटना को अंजाम दिए थे।

रायपुर में बेचा चोरी का सामान

घटना को अंजाम देने के बाद सभी वापस रायपुर लौटे और हलवाई लाईन रायपुर के विमला ज्वेलर्स में चोरी के आभूषण को बेच दिए थे। आरोपी मिस्कीन अली द्वारा चोरी किए गए सोने का मंगलसूत्र को अपने घर में छिपाकर रखा गया था व दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ करने पर बताये कि इस घटना के पहले अक्टूबर में भी चश्मा बेचने के बहाने थाना नेवई में रिसाली सेक्टर भिलाई और मैत्री नगर में लूट की घटना को अंजाम दे चुके थे। साथ ही उतई क्षेत्र के ग्राम गाड़ाडीह में भी चोरी कर भाग गये थे।

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आरोपियों के विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए घटना में उपयोग किये गये नीला रंग का वाहन स्कूटी एक्सेस 125 बिना नंबर का मोबाइल व पहने कपड़े, सोने चांदी के जेवरात नगदी रकम 20000 को जब्त किया गया।

आरोपियो का नाम पता

(1) मिस्कीन अली पिता अरशद अली उम्र 38 वर्ष पता वार्ड नंबर 07, दलदल सिवनी, थाना पंडरी जिला रायपुर

(2) महवाल अली पिता स्व.युसुफ अली उम्र 35 वर्ष पता टेकारी रोड, सायबा का किराया का मकान, दलदल सिवनी थाना पंडरी जिला रायपुर