मुख्यमंत्री रहते नीतीश का ये चौथा यूटर्न

नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। जेडीयू के दोबारा एनडीए में शामिल होने और बीजेपी के साथ मिलकर बिहार में सरकार बनाने के बाद पीएम मोदी से उनकी ये पहली मुलाकात है।

नीतीश कुमार ने गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की। नड्डा से मुलाकता के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि बीजेपी और जेडीयू 1995 से एक साथ है। बीच-बीच में दो बार इधर-उधर जरूर हो गए थे। लेकिन अब कभी नहीं। फिर वहीं रहेंगे, अब इधर उधर नहीं होंगे।

नीतीश ने सीट शेयरिंग के सवाल पर कहा कि इस पर चर्चा करने का कोई तर्क नहीं बनता। ये हो जाएगा। वे शुरुआत से सबकुछ जानते हैं।

28 जनवरी को एनडीए में आ गए थे नीतीश

नीतीश कुमार 28 जनवरी को एनडीए में फिर से शामिल हो गए थे। उन्होंने आरजेडी का साथ छोड़ने के साथ ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा भी दे दिया था। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने कहा था, हम लोग इतनी मेहनत कर रहे थे और सारा क्रेडिट दूसरे लोग (आरजेडी) ले रहे थे। अब नए गठबंधन में जा रहे हैं।

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इस्तीफा देने के कुछ ही घंटे बाद नीतीश बीजेपी के समर्थन से फिर मुख्यमंत्री बन गए। सीएम पद की शपथ लेने के बाद नीतीश ने कहा, ‘मैं पहले भी उनके साथ था। हम अलग-अलग राहों पर चले, लेकिन अब हम साथ हैं और रहेंगे। मैं जहां (एनडीए) था, वहां वापस आ गया हूं और अब कहीं और जाने का सवाल ही नहीं उठता।’ मुख्यमंत्री रहते नीतीश का ये चौथा यूटर्न था। अगस्त 2022 में उन्होंने बीजेपी का साथ छोड़ा था। और दो साल से भी कम वक्त में वो दोबारा एनडीए से जुड़ गए।