लखनऊ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने मुझे पकड़कर धकेला। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें घेरा और मेरा गला

दबाया। प्रियंका पूर्व आईपीएस अधिकारी एसआर दारापुरी के परिवार से मुलाकात करने पहुंची थी,

जिन्हें विवादास्पद कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। 76 वर्षीय कैंसर

रोगी को दंगे के आरोप में हिरासत में लिया गया था।

 

इधर उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि आंदोलन के सिलसिले में राज्य भर

में 1,113 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने 498 लोगों की पहचान की है। अकेले मेरठ

से 148 प्रदर्शनकारी शामिल हैं, जिन्हें सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान के लिए भुगतान

करने के लिए कहा जाएगा।

 

बता दें कि उत्तर प्रदेश में अब तक 21 लोग मारे गए हैं क्योंकि नागरिकता संशोधन अधिनियम

के खिलाफ विरोध प्रदर्शन इस महीने की शुरुआत में शुरू हुआ था। विवादास्पद कानून, पहली बार

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भारत में नागरिकता का परीक्षण करता है। सरकार का कहना है कि इससे तीन मुस्लिम बहुल

देशों के अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्राप्त करने में मदद मिलेगी यदि वे धार्मिक उत्पीड़न

के कारण 2015 से पहले भारत भाग गए थे। आलोचकों का कहना है कि यह मुसलमानों के

साथ भेदभाव करता है और संविधान के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों का उल्लंघन करता है।

 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।