रायपुर। राजधानी में पूर्व केंद्रीय मंत्री पुरूषोत्तम लाल कौशिक के पुत्र दिलीप कौशिक के साथ

निजी कंपनी में शेयर होल्डर बनाने का झांसा देकर 4 करोड़ का चूना लागने का मामला सामने

आया है।

 

जिन पर ये आरोप लगे हैं वो शाह दंपत्ती राजधानी के रसूखदार परिवार में गिना जाता हे। राजधानी

के पाश इलाके में शाह दंपत्ती की आधा दर्जन से ज्यादा कंपनियों के दफ्तर हैं। बताया जा रहा है कि

उनकी कंपनी छत्तीसगढ़ सरकार की कई योजनाओं में सप्लाई का काम करती है। प्रभावशाली

ब्यूरोक्रेट के कई बड़े अफसरों से उनके मधुर संबंध हैं। जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ सरकार के

उपक्रम बीज विकास निगम की एक योजना में शाह दंप​त्ती की कंपनी पीपी मोड पर छत्तीसगढ़ सरकार

की पार्टनर भी है।

 

अब कंपनी डायरेक्टरों पर चार करोड़ के फ्राड के आरोप का मामला सामने पर राजधानी में चर्चा का

बाजार गर्म है। इस मामले में खम्हारडीह थाने में दिलीप कौशिक द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई है।

 

थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक आरोपी दंपत्ती मनीष शाह और ऋचा शाह ने दिलीप कौशिक

से उन्हें अपनी कंपनी में निवेश करने पर शेयर होल्डर बनाने वा लाभांश देने का झांसा दिया था। बाद में

आरोपियों ने पूर्व मंत्री के पुत्र को ना तो लाभांश दिया और ना ही अपनी कंपनी का शेयर होल्डर।

ऐसे दिया गया अंजाम

खम्हारडीह थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 24 अक्टूबर 2013 से 27 जुलाई 2016 के बीच

आरोपी दंपत्ती मनीष शाह और ऋचा शाह ने अपने कंपनी में शेयर होल्डर बनाने एवं रकम लगाने पर 30

प्रतिशत फायदा होने का प्रलोभन दिलीप कौशिक को दिया था। जिसके बाद आरोपियों के झांसे में आकर

दिलीप कौशिक ने कंपनी में 4 करोड़ रुपए का निवेश कर दिया।आरोपी दंपत्ती कंपनी के मेन डायरेक्टर हैं

और दिलीप कौशिक भी इस कंपनी में डायरेक्टर हैं।

 

दिलीप कौशिक द्वारा कंपनी में पैसा लगाने के बाद भी उनको न तो शेयर दिया गया और न लाभांश दिया गया।

आरोपी दंपत्ति लगातार उन्हें घुमा रहे थे, जिससे परेशान होकर दिलीप कौशिक ने एसएसपी रायपुर से शिकायत

की और उसके बाद खम्हारडीह थाने में शिकायत दर्ज कराया।

चार साल से कर रहे थे टालमटोल

बताया जा रहा है कि शाह दंपति 2014 से आश्वासन देकर टालमटोल करते रहे। पिछले साल 2018 में दिलीप

कौशिक और अन्य सदस्यों ने इस मामले पर बोर्ड की बैठक करा कर प्रकरण की निराकरण की मांग भी की थी।

लेकिन, दिलीप को उसकी रकम वापस नहीं मिल पाई।

 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।