फुटेज मिलने के बाद टाइगर के विचरण की पुष्टि

 

दुर्ग/बराजनांदगांव। दुर्ग जिले की सीमा पर राजनांदगांव और दुर्ग के बीच बने मनगटा वन

चेतना केंद्र के बाहर बाघ देखे जाने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। इस खबरक के बाद

पुलिस और वन अमला ने संयुक्त सर्चिंग अभियान शुरू कर दिया है। वन अधिकारियों ने

बताया है कि सड़क पर चलते बाघ को देखकर एक ग्रामीण ने मोबाइल से फोटो खींचा

और वन विभाग को यह फोटो उपलब्ध कराया। यह वाकया शुक्रवार-शनिवार रात की है।

सुबह जब वन अमले ने मौके पर जाकर देखा तो बाघ के पदचिन्ह भी मिला। इससे बाघ

के विचरण की पुष्टि हो गई।

डीएफओ जीपी सिंह ने बताया मनगटा से लगे झुरा डबरी गांव के पास बाघ के पदचिन्ह मिले हैं।

इसी आधार पर वन विभाग की टीम लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है। रहवासी क्षेत्र और आसपास

के 10 किमी की परिधि में जंगल नहीं है।

See also  UPSC प्रीलिम्स पास करने वाले अभ्यर्थियों को राज्य सरकार देगी ₹1 लाख...

 

ड्रोन कैमरे की मदद से टाइगर को ट्रेस की कोशिश

शहर की घनी आबादी होने के कारण एहतिहात के तौर पर ड्रोन कैमरे की मदद से टाइगर को ट्रेस

करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए ड्रोन कैमरा भी मंगाया है। एक बार लोकेशन ट्रेस होने

के बाद बाघ को पकड़ने के लिए अलग-अलग स्थानों पर पिंजरा लगाने की योजना है। फिलहाल

यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि बाघ इस क्षेत्र में कैसे पहुंचा।

 

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें 

Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें  और Youtube  पर हमें subscribe करें।

 

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।