मंत्री के बदलते ही बदला टीकों का गणित.. जुलाई में कोवैक्सिन की 7.5 करोड़ डोज मिलनी थीं, मिलेंगी 2 करोड़

नई दिल्ली। देश दुनिया में कोरोना संक्रमण की रफ्तार एक बार फिर बेकाबू हो गई है। भारत, अमेरिका, रूस और ब्रिटेन समेत ज्यादातर देशों में महामारी पर नियंत्रण पाने के लिए लोगों का तेजी से टीकाकरण किया जा रहा है। इस बीच एक हैरान कर देने वाला आंकड़ा सामने आया है। एक शोध से पता चला है कि जहां दुनिया भर में एक फीसद लोग ही कोरोना वायरस से दोबारा संक्रमित हुए हैं। वहीं भारत में यह दर 4.5 फीसद पहुंच चुकी है।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक अध्ययन में बताया गया कि दुनिया भर में अब तक कोरोना वायरस से दोबारा संक्रमित होने वाले मरीजों की दर एक फीसदी ही है,जबकि भारत में दोबारा संक्रमित होने वाले मरीजों की संख्या  4.5 फीसदी से अधिक हो चुकी है।हालांकि, इस अध्ययन में पहले और दूसरे संक्रमण के जीनोम का विश्लेषण नहीं किया गया है।

अध्ययन में कहा गया है कि देश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामलों में भारी उछाल और नए कोविड स्ट्रेन चिंता का विषय हैं। महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में हालात भयावह होते जा रहे हैं। फिलहाल देश में कोरोना वायरस से दोबारा संक्रमित होने की दर 4.5 फीसदी है, जो और बढ़ सकती है।

See also  भाजपा देश की विविधता को बदलने का प्रयास कर रही : राहुल गांधी

बता दें कि दोबारा संक्रमित होने का मतलब है कि पहली बार संक्रमण से ठीक होने के बाद मरीज के शरीर में जो एंटीबॉडीज बनी थी, वो नष्ट हो गई। कुछ मरीजों में दूसरी बार संक्रमित होने पर पहली बार से ज्यादा गंभीर लक्षण पाए गए हैं। 

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर…

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।