नई दिल्ली। कोरोना काल में मोदी के न्यू इंडिया ने चीन का बड़ा झटका दिया है। अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनी ऐपल (Apple) ने अपनी नौ यूनिट भारत में शिफ्ट कर दी है।

केंद्रीय आईटी और कम्युनिकेशंस मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने बेंगलूरु टेक समिट के 23वें एडिशन को वर्चुअली संबोधित करते कहा कि मैन्युफैक्चरिंग वर्ल्ड वैकल्पिक डेस्टिनेशंस की तलाश कर रहा है। कोरोना काल में ऐपल की नौ ऑपरेटिंग यूनिट चीन से भारत शिफ्ट कर चुकी हैं। इनमें कंपोनेंट बनाने वाली यूनिट्स भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में तेजी लाने के प्रयासों में शानदार सफलता को देखते हुए हम प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव (पीएलआई) का बड़ा आइडिया लेकर आए।

केंद्रीय मंत्री ने इससे पहले दावा किया था कि सैमसंग, फॉक्सकॉन, राइजिंग स्टार, विस्ट्रॉन और पेगाट्रॉन पीएलआई स्कीम के तहत एप्लिकेशन फाइल कर रहे हैं।

प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम को मिल रहा रिस्पांस

बता दें कि सरकार ने विदेशी इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों को लुभाने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (PLI) लॉन्च की थी। इस योजना के तहत अभी तक कई विदेशी कंपनियों ने भारत में आकर मोबाइल प्रोडक्शन और पार्ट्स के उत्पादन करने के लिए आवेदन किया है। सरकार ने हाल में इस योजना का दायरा बढ़ाकर 10 नए सेक्टरों को इसमें शामिल किया है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।