आयांश को मिली नई जिंदगी, लॉटरी में मिला 16 करोड़ का इंजेक्शन, जानें पूरी खबर किस दुर्लभ बीमारी से ग्रस्त है मासूम

रायपुर/बिलासपुर। बिलासपुर शहर के व्यवसायी अंचल और उनकी पत्नी आशु के छह महीने के बेटे आयांश को दुर्लभ बीमारी से छुटकारा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। अब आयांश की बीमारी के इलाज के लिए लगने वाला 16 करोड़ की कीमत वाला इंजेक्शन उन्हें मुफ्त में मिलने जा रहा है।

दरअसल इंजेक्शन बनाने वाली स्विट्जरलैंड की नोवार्टिस कंपनी हर साल इस दुर्लभ बीमारी से पीड़ित दुनियाभर के 100 लोगों को फ्री में यह इंजेक्शन देती है, इसके लिए कंपनी लॉटरी सिस्टम निकालती है। इस बार उन 100 लोगों में अयांश का भी नाम है।

जानें क्या है स्पाइनल मस्कुलर एस्ट्रोफी

अयांश अपने जन्म के दूसरे महीने से ही दुर्लभ बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एस्ट्रोफी से ग्रसित हो गया था। डॉक्टर्स के मुताबिक इस बीमारी में खाने-पीने, पैर उठाने और शरीर की दूसरी गतिविधियां करने में समस्या होती है। इसके इलाज के लिए 16 करोड़ की कीमत वाला इंजेक्शन लगता है।

अयांश के पिता अंचल ने मीडिया से चर्चा में बताया कि मालिश करने या टीका लगने के दौरान अयांश को उस दर्द का अहसास तो होता था पर उसके शरीर में इतनी ताकत नहीं थी कि मूवमेंट कर पाए, तभी उन्हें संदेह हुआ कि आयांश में कोई कमी है।

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उन्होंने बेंगलुरु के एक बड़े अस्पताल में भी चेकअप करवाया तो स्पष्ट हो गया कि उसे स्पाइलनल मर्स्कुलर एस्ट्रोफी है। जहां उसका इलाज चला, जहां के डाक्टर्स ने साफ कर दिया कि जब तक उसे 16 करोड़ रुपए का वह इंजेक्शन नहीं लगेगा, ऐसे ही रहेगा। जिसके बाद उन्होंने इस लॉटरी के लिए आवेदन किया।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।