CG News: पीएससी 2021 में चयनित डिप्टी कलेक्टर व डीएसपी अभ्यर्थियों को 60 दिनों में दें ज्वाइनिंग, हाईकोर्ट का फैसला, जानें किसे मिलेगा लाभ

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण से मरीजों को अब जरूरी दवाओं, हॉस्पिटल में बेड और ऑक्सीजन की किल्लत की स्थिति बिगड़ती देख बिलासपुर हाईकोर्ट में व्यवस्था दुरुस्त करने कुछ सुझाव पेश किए गए। इन पर अब हाईकोर्ट से छत्तीसगढ़ सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि रेलवे के 100 से ज्यादा आइसोलेशन कोच का इस्तेमाल क्यों नहीं हो रहा? बिलासपुर के सिम्स अस्पताल ने RC.PCR टेस्ट क्यों बंद कर दिए गए?

दरअसल कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए करने का सुझाव वकील पलाश तिवारी ने हाईकोर्ट में पेश किया। वकील ने अपने आवेदन में कहा कि रेलवे के पास 100 से अधिक आइसोलेशन कोच पड़े हुए हैं, जिनका इस्तेमाल कोरोना संक्रमितों के लिए किया जा सकता है।

जिस पर ट्रेन के आइसोलेशन कोच शुरू किए जाने और टेस्ट के मामले में गुरुवार को हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सरकार को जवाब देने को कहा है। हालांकि, ट्रेन में बने कोविड आइसोलेशन सेंटर को लेकर रेलवे के अधिकारी ये कहते रहे हैं कि नर्सिंग स्टाफ न होने की वजह से इन्हें शुरु नहीं किया जा सका है। हाईकोर्ट ने रेलवे, केंद्र सरकार,और राज्य सरकार को बैठक कर कल तक जवाब पेश करने का आदेश जारी किया है।

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रेलवे का जवाब. एयर कंडीशन की दिक्कत, नर्सिंग स्टाफ नहीं


रेलवे की तरफ से मौजूद वकील ने कोर्ट को बताया कि हमारे पास आइसोलेशन कोच जरूर हैं, लेकिन नर्सिंग स्टाफ नहीं। जिन रेलवे कोच को आइसोलेशन के लिए तैयार किया गया है उनमें एयर कंडीशन की व्यवस्था नहीं है ऐसे में गर्मी के बीच मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। पूरे मामले को सुनने के बाद चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने सभी पक्षों को आज मीटिंग कर कल शुक्रवार को जवाब देने कहा है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।