कोलकाता। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ देशभर में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में इन प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया।

यहां पर प्रदर्शन के बीच देसी बम फेंके गए और गोलियां भी चलाई गईं। इस दौरान दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक शख्स घायल हो गया। घायल व्यक्ति को आनन-फानन अस्पताल ले जाया गया है।

बता दें कि भारतीय नागरिक मंच की ओर से यहां बंद का ऐलान किया गया था, लेकिन इस दौरान यहां से बवाल की खबरें सामने आईं। हिंसा की खबरें सामने आने के बाद पुलिस की टीम को मौके पर भेजा गया ताकि स्थितियों पर नियंत्रण किया जा सके।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीएए को लेकर जलंगी में दो समूहों के बीच बहस शुरू हो गई जो झड़प में बदल गई। इस झड़प में दो लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया। घायल शख्स को मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

See also  CG News: कोरबा में पागल लोमड़ी का आतंक, 6 लोग घायल, अस्पताल में भर्ती

कोलकाता का शाहीन बाग

इधर, सीएए के खिलाफ अनिश्चितकाल के लिए पश्चिम बंगाल के पार्क सर्कस मैदान में धरने पर बैठी 60 मुस्लिम महिलाओं ने बुधवार को 23वें दिन भी अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा।

इस मैदान को ‘कोलकाता का शाहीन बागÓ कहा जा रहा है। इनमें गृहणियों से लेकर पेशेवर महिलाएं तक शामिल हैं, जिनके वहां से हटने की फिलहाल कोई योजना नहीं दिख रही है।

धरने पर बैठी महिलाओं में से एक गृहिणी परवीन नजीर का मानना है कि इस प्रदर्शन की सबसे बड़ी ताकत यह है कि प्रदर्शनकारी किसी राजनीतिक समूह से जुड़े नहीं हैं।

परवीन नजीर ने कहा कि हमारी एकमात्र पहचान यह है कि हम भारतीय हैं, और हम महिलाएं हैं, जो किसी ताकत से नहीं डरती। बीजेपी ने आरोप लगाए हैं कि ये प्रदर्शनकारी भारतीय नहीं, बल्कि घुसपैठिए हैं, जिस पर नजीर ने कहा कि हम कई पीढिय़ों से यहां रह रहे हैं, सदियों से हिंदुओं के साथ दुर्गा पूजा समारोहों में भाग लेते आ रहे हैं।

See also  भाजपा के मुखपत्र ‘दीपकमल’ के बजट विशेषांक का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

 

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें 

Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें  और Youtube  पर हमें subscribe करें।