बिलासपुर। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के प्रमुख सचिव रहे अमन सिंह की पत्नी यास्मीन सिंह को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने यास्मीन सिंह के खिलाफ एसीबी की जांच पर रोक लगा दी है।

छत्तीसगढ़ शासन ने आरटीआई एक्टविस्ट उचित शर्मा की शिकायत पर यास्मीन सिंह के खिलाफ गलत नियुक्ति ,जरूरत से ज्यादा भुगतान के मामलों में एसीबी जांच के आदेश दिए थे। शासन के फैसले को यास्मीन ने

हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

आज कोर्ट में जस्टिस गौतम भादुड़ी की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए एसीबी की कार्रवाई पर आगामी सुनवाई तक रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 10 फरवरी को होगी।

यास्मीन सिंह की नियुक्ति साल 2005 में पीएचई विभाग में संविदा अधिकारी के रूप में हुई थी। नियुक्ति के समय उन्हें प्रतिमाह 35 हजार रुपए का मानदेय तय हुआ था,

जो बाद में गुपचुप ढंग से बढ़ाकर एक लाख प्रतिमाह कर दिया गया था।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।