लखनऊ। राजस्थान के जयपुर में सीरियल बम धमाकों का दोषी जलीस अंसारी कानपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। अंसारी को कानपुर से अब लखनऊ लाया गया है। डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि वह यूपी के रास्ते नेपाल भागने की तैयारी में था। कानपुर में एक मस्जिद से निकलते समय उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

बता दें कि अपनी परोल खत्म होने के एक दिन पहले ही लापता हो गया था। वह अजमेर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। अंसारी का नाम देश के अलग-अलग हिस्सों में 50 से ज्यादा बम धमाकों में शामिल था जिसके चलते उसे ‘डॉ. बम’ कहा जाने लगा।

यूं बना ‘डॉ. बम’

अंसारी के ऊपर आरोप है कि देशभर में 50 से ज्यादा बम धमाकों में उसकी भूमिका थी। इसलिए उसे डॉ. बम कहा जाने लगा। उसे सबसे पहले 1994 में सीबीआई ने राजधानी एक्सप्रेस में बम लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

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वह पुणे के ब्लास्ट में भी आरोपी है। आरोप है कि यहां 1992 में बाबरी मस्जिद कांड के बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर बम लगाए थे। सबसे ताजा फैसले में गिरणा नदी में बम धमाके का एक्सपेरिमेंट करने के अपराध में उसे मालेगांव के एक कोर्ट ने 2018 में 10 साल जेल की सजा सुनाई थी।

 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।