'भैया' विवाद पर बुरे फंस गए चन्नी, मनीष तिवारी और दिग्विजय सिंह ने घेरा, यूपी में चुनाव प्रचार से दूर रख सकती है कांग्रेस

नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) के भैया विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। विपक्ष के साथ अब पार्टी के अंदर भी सवाल उठने लगे हैं।

पंजाब चुनाव प्रचार के आखिरी दिन पार्टी सांसद मनीष तिवारी ने इस विवाद को हवा देते हुए कहा कि पंजाब में इस तरह की सोच की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। इस बीच, पार्टी चन्नी के उत्तर प्रदेश चुनाव प्रचार करने से पहले स्थिति का आकलन कर रही है।

अमेरिका के अश्वेत मुद्दे से तुलना

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भैया विवाद की तुलना अमेरिका के अश्वेत मुद्दे से की है। उन्होंने एक साथ कई ट्वीट कर कहा कि यह हरित क्रांति की शुरुआत में पंजाब आने वाले प्रवासियों के खिलाफ एक दुर्भाग्यपूर्ण और संस्थागत सामाजिक पूर्वाग्रह को दर्शाता है।

अपने परिवार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मेरी मां जाट सिख होने और मेरे पिता पंजाब की सियासत के प्रमुख नेता होने के बावजूद पंजाबी-पंजाबियत, हिंदू-सिख एकता के लिए अपना जीवन लगा दिया।

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तिवारी ने कहा कि नाम के कारण उनके पीठ पीछे कहा जाता है कि ‘एह भैया किठो आगा’। बकौल उनके, यह पंजाबी के सबसे अच्छे अपशब्दों में शुमार है। हमें इसे जड़ से खत्म करना होगा।

पहले सरकार बनाने लायक बहुमत तो लाएं : दिग्विजय सिंह

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सिंह ने भी पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर परोक्ष रूप से हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की आदिवासी या अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से मुख्यमंत्री से पहले राज्य में सरकार बनाने लायक बहुमत लाने की प्राथमिकता है।

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भैया वाले बयान को लेकर उन्होंने कहा कि उसे गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने कहा कि चन्नी के मुताबिक बाहर के नेता यहां आकर नेतागिरी न करें, पंजाब दरअसल पंजाबियत और पंजाबियों का है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।