स्वास्थ्य सेवाएं देने में केरल बना नंबर वन, छत्तीसगढ़ 10वें स्थान पर, नीति आयोग ने जारी किया Health Index

रायपुर। ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने नि​जी अस्पतालों को सस्ती जमीन, किफायती दरों में बिजली देने एवं निर्माण के लिए अनुदान देने की घोषणा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है। जहां आयुष्मान कार्डधारी मरीजों का उपचार होगा। इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना काल से सबक लेते हुए कार्ययोजना तैयार करने के लिए अफसरों को निर्देश दिया है।

देशभर में छत्तीसगढ़ मॉडल की चर्चा, दो राज्यों ने दिखाई दिलचस्पी

बता दें कि देशभर में छत्तीसगढ़ मॉडल की कई योजनओं की चर्चा हो रही है। इसमें मुख्यमंत्री की नरवा घुरवा गरवा बाड़ी योजना और राजीव गांधी किसाना न्याय योजना शामिल है। अब उत्तर प्रदेश और कर्नाटक ने नि​जी अस्पतालों को सस्ती जमीन, किफायती दरों में बिजली देने एवं निर्माण के लिए अनुदान देने की योजना पर दिलचस्पी दिखाई है।

क्या है योजना

सरकार अगर गांवों में 30 बिस्तर वाले अस्पताल की स्थापना करेगी तो अनुमानित 5 करोड़ खर्च करने होंगे। विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति व वेतन का भार अलग होगा। जबकि निजी अस्पताल खोलने से सरकार को सिर्फ 30 लाख रुपए ही खर्च करने होंगे। इससे शासन को बचत तो होगी साथ ही ग्रामीणों को उपचार भी हो सकेगा।

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आधे मरीजों का करना होगा मुफ्त इलाज

योजना की शर्तों में निजी अस्पताल की स्थापना करने वाले संस्थान को 50 फीसदी आयुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुष्मान कार्डधारी मरीजों का इलाज करना अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि गांव की 80 प्रतिशत ज्यादा परिवारों के पास आयुष्मान कार्ड हैं उससे उनको इलाज में सुविधा होगी।

3 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति अनिवार्य

योजना की शर्तों में गांव में निजी अस्पताल शुरू करने वाले संस्थान को 3 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति करनी होगी, जिसमें शिशु रोग विशेषज्ञ,हड्डी रोग विशेषज्ञ व स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति शामिल हैं। इसके अलावा एक फिजिशियन का होना भी अनिवार्य शर्तों में शामिल किया गया है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।