नई दिल्ली। देश में कोरोना की स्थिति को गंभीर बनाने वाले 950 विदेशी जमातियों को भी क्राइम ब्रांच मुख्य केस में आरोपी बनाएगी। बता दें कि क्राइम ब्रांच क्वारंटाइन की अवधि खत्म होने के बाद इन सभी को पूछताछ में शामिल होने के लिए पहले ही नोटिस भेज चुकी है।

इन्हें अलग-अलग जगहों पर ठहराया गया है। इनके पासपोर्ट जब्त कर ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है और सभी हवाई अड्डे को लुकआउट सर्कुलर पुलिस पहले ही जारी कर चुकी है। क्राइम ब्रांच का पहला फोकस अभी इनसे विस्तृत पूछताछ करने की है। सभी 950 विदेशी नागरिकों के खिलाफ विदेशी अधिनियम, डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट व महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज है।


टूरिस्ट वीजा पर आए थे भारत
क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि ये लोग टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे। इन्हें पता था कि विश्व के कई देशों में कोरोना का संक्रमण फैला हुआ है। कोरोना वैश्विक महामारी घोषित हो चुका है। भारत में किसी भी तरह के आयोजनों पर सरकार की ओर से सख्त पाबंदी है। बावजूद इसके ये लोग सरकार के निर्देश का उल्लंघन करते हुए भारत आए। इससे साफ पता चलता है कि इनकी मंशा भारत में कोरोना का संक्रमण फैलाना था।


50 लोगों के पासपोर्ट जब्त
मरकज के प्रबंधन से जुड़े छह अन्य मौलानाओं आदि करीब 50 लोगों के पासपोर्ट जब्त कर लिए गए हैं। लॉकडाउन की अवधि खत्म होने के बाद इन सभी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। अभी पुलिस इन्हें इसलिए गिरफ्तार नहीं कर रही है क्योंकि गिरफ्तारी के बाद ये अंतरिम जमानत लेने की कोशिश कर सकते हैं।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।