कानन पेंडारी जू में बाघिन की मौत: 8 महीने पहले घायल हालत में मिली थी 'रजनी'

बिलासपुर। बिलासपुर के कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क में बाघिन ‘रजनी’की मौत हो गई, उसे आठ माह पहले अचानकमार टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू कर लाया गया था। तब से यहां उसका इलाज चल रहा था।

अचानकमार टाइगर रिजर्व के छपरवा सांभर धसान सर्किल के बरमान नालाल के रूम नंबर 356 RF में 8 जून 2021 को बाघिन घायल अवस्था में मिली थी। उसे रेस्क्यू कर कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क में रखा गया था और उसका इलाज किया जा रहा था।

बाघिन उसके कंधे में गहरा जख्म लगा था और पूंछ में भी चोट आई थी। बाघिन अपने पैरों पर ठीक से खड़ी नहीं हो पा रही थी। ऐसे में पिछले 8 माह से उसके कानन पेंडारी के पशु चिकित्सालय में रखा गया था।

वन विभाग के अफसरों ने उसके शव का पोस्टमार्टम करने के लिए टीम गठित की। जिसमें डॉ.आरएम त्रिपाठी, डॉ. अनूप चटर्जी, डॉ. राम ओत्तलवार और कानन पेंडारी के पशु चिकित्सक अजीत पांडेय के साथ डॉ. तृप्ति सोनी ने बाघिन के शव का पोस्टमार्टम किया। फिर शव को परिसर में ही जला दिया गया। उसके बिसरा जांच के लिए लैब भेजने के लिए सुरक्षित रखा गया है।

बता दें कि कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क में 18 दिन के भीतर तीसरे वन्य प्राणी की मौत हुई है। इससे पहले 12 फरवरी को गर्भवती मादा हिप्पो और चार दिन पहले भालू की मौत हो गई थी।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।