नई दिल्ली। दिल्ली के शाहीनबाग की तर्ज पर अब नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ जाफराबाद मेट्रो स्टेशन और चांदबाग में भी महिलाओं ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर महिलाओं ने शनिवार देर रात से ही धरना शुरू कर दिया था, जबकि चांदबाग में रविवार दोपहर के बाद से प्रदर्शन शुरू हुआ।

दोनों ही जगह महिलाओं ने सीएए हटने तक प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है। महिलाओं के प्रदर्शन के चलते दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने जाफराबाद स्टेशन पर मेट्रो ट्रेनों के ठहराव पर रोक लगा दी है। मेट्रो स्टेशन के अंदर जाने और बाहर आने वाले दोनों गेट को भी बंद कर दिया गया है।

महिलाओं के प्रदर्शन के चलते सलीमपुर को यमुना विहार और मौजपुर से जोड़ने वाली सड़कें भी बंद हो गई हैं। सुरक्षा के मद्देनजर दोनों ही जगहों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

हाथों में तिरंगा, जुबां पर आजादी के नारे

प्रदर्शनकारी महिलाएं हाथों में तिरंगा लेकर आजादी के नारे लगा रही हैं। महिलाओं का कहना है कि जब तक केंद्र सरकार नागरिकता संशोधन कानून वापस नहीं लेती, तब तक वे प्रदर्शन जारी रखेंगी। खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताने वाले फहीम बेग ने बताया सरकार इस मुद्दे को लेकर काफी लापरवाही बरत रही है। इससे लोगों का गुस्सा और भी बढ़ता जा रहा है।

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शाहीनबाग में प्रदर्शन का 71वां दिन, नोएडा-फरीदपुर रोड पर आवागमन शुरू

शाहीन बाग में नागरिकता कानून के खिलाफ जारी प्रदर्शन का आज 71वां दिन है। इसके पहले शनिवार को सड़क खोलने और बंद करने का नजारा देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों के एक धड़े ने रास्ता खोलकर स्थानीय लोगों को जाने दिया। थोड़ी ही देर बाद दूसरे गुट ने वहां पहुंचकर रास्ता फिर बंद कर दिया था। हालांकि रविवार को एक बार फिर से नोएडा-फरीदपुर रोड पर छोटी गाड़ियों का आवागमन शुरू हो गया है।

मध्यस्थों से चौथे दिन की वार्ता भी रही विफल

इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त मध्यस्थ वकील संजय हेगड़े और वकील साधना रामचंद्रन लगातार चौथे दिन शनिवार को शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने पहुंचे। उन्होंने कहा- हम नहीं चाहते कि शाहीन बाग का आंदोलन खत्म हो जाए।

हम चाहते हैं कि शाहीन बाग कायम रहे। हम सड़क खाली करने के मुद्दे पर बात करने आए हैं। उन्होंने कहा- आप लोग आंदोलन जारी रखें। आप गृह मंत्री या सरकार जिससे भी मिलना चाहें, मिल सकते हैं। हम यहां सरकार की ओर से नहीं आए। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने पिछले दो महीने में घटी घटनाओं की जांच कराने और सुरक्षा के लिए प्रदर्शन स्थल की स्टील शीट से घेराबंदी की मांग की।

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