बीमारी का बहाना बनाकर चुनाव ड्यूटी से हटने के लिए दिया था आवेदन

रायपुर। पंचायत चुनाव में चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए कई कर्मचारियों ने चालाकी की, लेकिन प्रशासन ने उनकी चालाकी पकड़ ली। दरअसल कई कर्मचारी चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए बीमारी का बहाना बनाकर ड्यूटी करने में असमर्थता जताई थी।

इसके लिए बकायदा ये कर्मचारियों ने आवेदन दिया था, लेकिन प्रशासन भी इनकी चालाकी चलने नहीं दी और इन कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया, जिसमें कई कर्मचारी फिट पाए गए। अब उन्हें चुनाव ड्यूटी करनी पड़ेगी।

पंचायत चुनाव 2020 के लिए इमेज परिणाम

प्रदेश में तीन चरणों में हो रहे पंचायत चुनाव में ड्यूटी से बचने के लिए करीब 92 कर्मचारियों ने बीमारी होने का आवेदन दिया था। इसके बाद जिला अस्पताल मेडिकल बोर्ड द्वारा की गई स्वास्थ्य जांच मे करीब 70 कर्मचारी बिलकुल स्वस्थ पाए गए।

सिर्फ 12 कर्मचारियों की बीमारी को गंभीर मानते हुए ड्यूटी से हटाने की अनुशंसा की है। अब बाकी 70 बहानेबाज कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी करनी होगी।

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इस तरह के मामले सामने आने के बाद प्रशासन अब बीमारी का बहाना बनाकर चुनावों में अपनी ड्यूटी कटवाने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्ती बरत रहा है।

अंतिम दिन तक चुनाव ड्यूटी से बचने कई कर्मचारी लगे रहे, लेकिन मेडिकल बोर्ड ने सख्ती से जांच कर केवल गंभीर बीमारी से पीडि़त कर्मियों को ही चुनाव ड्यूटी से हटाने की अनुशंसा की है।

अलग-अलग बीमारियों के मिले आवेदन

चुनाव ड्यूटी से हटने के लिए के लिए कर्मचारियों ने अलग-अलग बीमारियों का हवाला दिया। किसी ने किडनी तो किसी ने हार्ट जैसी बीमारी बताई थी। किसी ने से सिर्फ गंभीर बीमारी होने का हवाला दिया।

प्रशासन को कर्मचारियों की बहानेबाजी का पता चल चुका था, इसलिए कलेक्टर ने पहले से ही निर्देश जारी कर दिया था कि इस बार मेडिकल के आधार पर चुनाव ड्यूटी से हटने वाले कर्मचारी सतर्क रहें। सभी का मेडिकल जांच की जाएगी और जांच में कई कर्मचारियों की बहानेबाजी सामने आ गई।

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मेडिकल जांच के आधार पर ड्यूटी से हटाया

इस संबंध में उप निर्वाचन अधिकारी राजीव पांडे का कहना है कि सभी आए हुए आवेदनों की जांच की गई। कर्मचारियों की मेडिकल बोर्ड से जांच व अनुशंसा प्रमाणपत्रों के आधार पर ही उन्हें चुनाव ड्यूटी से हटाया गया है। जिनक कर्मचारियों की रिपोर्ट सही मिली उनकी ड्यूटी नहीं लगाई गई है।

 

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