टोक्यो। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के टेस्ट को लेकर जापान के वैज्ञानिकों एक नई तकनीकी की खोज की है। इसके जरिए कोरोना वायरस का टेस्ट घर बैठे मात्र 25 मिनट में हो जाएगा। जापानी वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि इंसान के सलाइवा यानी लार के टेस्ट से कोरोना संक्रमण के बारे में पता लगाया जा सकता है।

सरकार से लाइसेंसिंग अनुबंध की तैयारी

जापानी दवा कंपनी Shionogi इस तकनीकी को लेकर सरकार से एक लाइसेंसिंग अनुबंध करने जा रही है। जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि इससे बड़े पैमाने पर कोरोना वायरस का टेस्ट बिना किसी तकनीशियन या विशेष उपकरण की सहायता से हो सकेगा। बता दें कि इस लार से कोरोना वायरस के टेस्ट की तकनीकी की खोज निहोन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मासायसु कुहारा और उनकी टीम ने किया है।

जापानी स्वास्थ्य मंत्रालय कर रहा परीक्षण

अभी इस टेस्ट किट का परीक्षण जापानी स्वास्थ्य मंत्रालय कर रहा है। अगर सबकुछ सही रहा तो कुछ दिनों में इस टेस्ट को सरकार की मंजूरी मिल जाएगी। बता दें कि जापान में हाल के दिनों में लॉकडाउन में ढील दी गई है। इसके अलावा अगर सरकार अंतरराष्ट्रीय यात्राओं को लेकर छूट देती है तो बाहर से आए सभी यात्रियों को पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन टेस्ट करवाना आवश्यक होगा।

3 से 5 घंटे नहीं, 25 मिनट में रिजल्ट

बता दें कि पीसीआर डायग्नोस्टिक टेस्ट का रिजल्ट आने में तीन से पांच घंटे का समय लगता है। अगर एयरपोर्ट पर लोगों की भीड़ बढ़ती है तो कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाएगा और टेस्ट को लेकर भी दिक्कतों की सामना करना पड़ेगा। वहीं, अगल लार से यात्रियों का कोरोना टेस्ट होने लगा तो उन्हें रिजल्ट के लिए 25 से 30 मिनट का ही इंतजार करना होगा।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।