रायपुर। दो वर्ष के भीतर मकान बनाने का वायदा करने के बाद भी मकान नहीं बनाने वाले बिल्डर के खिलाफ रेरा प्राधिकरण ने दो माह के भीतर ही उपभोक्ता को मूल राशि के साथ ही ब्याज की राशि भी लौटाने का फैसला सुनाया है।

जानकारी के अनुसार दंतेवाड़ा निवासी शैलेन्द्र सोनी ने रेरा प्राधिकरण में शिकायत की थी कि उसने अनुराधा कंस्ट्रक्शन से 16 दिसंबर 2015 को मकान निर्माण के लिए इकरारनामा किया था। इसके लिए उसने 16 लाख 80 हजार का भुगतान भी कर दिया है और इसमें जमीन की कीमत 9 लाख 45 हजार 643 रुपये है।

जमीन की रजिस्ट्री भी हो चुकी है। बिल्डर ने दो साल के भीतर मकान बनाने का वायदा किया था लेकिन अभी तक मकान का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। रेरा प्राधिकरण ने अपनी जांच के दौरान यह पाया कि उपभोक्ता का आरोप सही है और मकान नहीं बन पाया।

इस पर रेरा अध्यक्ष विवेक ढांड, सदस्य नरेन्द्र कुमार असवाल और राजीव कुमार टम्टा ने बिल्डर के खिलाफ फैसला सुनाया। फैसले में कहा गया है कि दो माह के भीतर बिल्डर भुगतान की राशि 734357 रुपये के साथ ही ब्याज 202958 रुपये उपभोक्ता को लौटाएगा। करीब पौने दो साल में रेरा प्राधिकरण द्वारा 670 मामले सुलझा लिए गए हैं।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।