रायपुर। छत्तीसगढ़ में महंगाई भत्ता (डीए) और गृह भाड़ा भत्ता (एचआरए) की मांग को लेकर सरकारी कर्मचारी 22 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी में है। इसके लिए ब्लाक और जिला स्तर पर कर्मचारी संगठनों की बैठकों का दौर जारी है। कर्मचारी राज्य सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगा रहे हैं। डीए और एचआरए की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन का नेतृत्व कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन कर रहा है।

फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि 22 अगस्त से घोषित अनिश्चितकालीन हड़ताल को सफल बनाने प्रदेश के सभी जिलों के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। 16 से 18 अगस्त तक सभी कार्यालयों में हड़ताल सूचना दे दी जाएगी।

राज्य के कर्मचारी केंद्रीय कर्मियों के समान 34 प्रतिशत डीए और सातवें वेतनमान के अनुसार एचआरए की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी नेताओं के अनुसार राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित कुछ और राज्यों में कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मियों के समान डीए और एचआरए का भुगतान किया जा रहा है।

मई से चल रहा है चरबद्ध आंदोलन

30 मई 2022 को सभी जिला और 146 ब्लाक में प्रदर्शन कर मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर व एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया था।
29 जून 2022 को सभी 53 विभागों के कर्मचारी-अधिकारी ने एक दिवस का अवकाश लेकर जिला व ब्लाकों में महारैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था।
25 से 29 जुलाई 2022 तक प्रदेश भर के शासकीय सेवकों ने सामूहिक अवकाश लेकर कलम बंद-काम बंद हड़ताल किया था।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।