नई दिल्ली। World Inequality Report 2026: दुनिया के देशों में आर्थिक समानता पर नजर रखने वाली संस्था वर्ल्ड इनइक्वलिटी ने भारत को लेकर 2026 की अपनी रिपोर्ट जारी की है। वर्ल्ड इनइक्वलिटी 2026 की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में केवल एक प्रतिशत लोगों के पास देश की कुल संपत्ति का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा है, जिससे भारत में आय असमानता दुनिया में सबसे ज्यादा में से एक है और इसमें बहुत कम सुधार के आसार दिख रहे हैं।

World Inequality Report 2026: वर्ल्ड इनइक्वलिटी रिपोर्ट 2026 के अनुसार, भारत में गरीबी और अमीरी के बीच जमीन-आसमान का असमानता देखने को मिल रही है। देश में केवल कुछ ही लोगों के पास बेशुमार दौलत है, जबकि ज्यादातर लोग गरीबी रेखा से नीचे अपना जीवन जीने की मजबूर हैं।

World Inequality Report 2026: रिपोर्ट के मुताबिक, देश की 65 फीसदी संपत्ति सिर्फ सबसे अमीर 10 फीसदी लोगों के पास है। दूसरी तरफ, नीचे के 50 फीसदी लोगों के पास सिर्फ 6.4 फीसदी संपत्ति है। रिपोर्ट को अर्थशास्त्री लुकास चैंसेल, रिकार्डो गोमेज-कारेरा, रोवाइदा मोश्रिफ और थॉमस पिकेट्टी ने तैयार किया है।

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World Inequality Report 2026: केवल 15.7% महिला कामकाज में शामिल

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में औसत प्रति व्यक्ति सालाना आय लगभग 6,200 यूरो है और औसत संपत्ति लगभग 28,000 यूरो (पीपीपी के हिसाब से) है। महिलाओं की कामकाज में भागीदारी बहुत कम है। सिर्फ 15.7 फीसदी महिलाएं नौकरी या कामकाज में शामिल हैं। पिछले 10 साल में इसमें कोई खास सुधार नहीं हुआ है।

World Inequality Report 2026: रिपोर्ट बताती है कि 1980 में भारत की बड़ी आबादी मध्य वर्ग में थी, यानी राष्ट्रीय आय के बीच के हिस्से में। लेकिन, अब यह आबादी नीचे के 50 प्रतिशत में खिसक गई है। 2014 से 2024 के बीच टॉप 10 फीसदी और नीचे के 50 फीसदी के बीच आय का अंतर थोड़ा बढ़ा है। यह अंतर 38 फीसदी से बढ़कर 3 8.2 फीसदी हो गया।

World Inequality Report 2026: ग्लोबल लेवल पर भी तेजी से बढ़ रही असमानता

रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्लोबल लेवल पर भी असमानता बहुत बढ़ गई है। दुनिया की कुल संपत्ति ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है, लेकिन इसका ज्यादातर हिस्सा बहुत कम लोगों के पास है। दुनिया की आबादी के सिर्फ 60,000 लोग (0.001%) के पास जितनी संपत्ति है, वह दुनिया के निचले आधे हिस्से की संपत्ति से तीन गुना ज्यादा है। सबसे अमीर 0.001 फीसदी लोगों की संपत्ति 1995 में 3.8 फीसदी थी, जो 2025 में बढ़कर 6.1 फीसदी हो जाएगी। वहीं, दुनिया के आधे गरीब लोगों की संपत्ति पिछले 20 साल से लगभग 2 फीसदी पर ही अटकी हुई है।

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