जेपीएससी-जेएसएससी प्रदर्शन के बीच बड़ी खबर, JPSC के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा, सीबीआई जांच की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी
जेपीएससी-जेएसएससी प्रदर्शन के बीच बड़ी खबर, JPSC के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा, सीबीआई जांच की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी

JPSC-JSSC Protest: रांची। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के जारी आंदोलन के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के तीन सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्य सरकार की सिफारिश पर JPSC की सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद के इस्तीफे को मंजूरी दे दी है।

बता दें कि, जेपीएससी की हालिया प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता और धांधली के आरोपों को लेकर अभ्यर्थी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं, सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच हुई बातचीत में भी अब तक सभी मुद्दों पर पूरी सहमति नहीं बन सकी है। लेकिन, छात्रों की मांग सीबीआई जांच की है। ऐसे में छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला लिया है।

JPSC-JSSC Protest: तीनों सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ करेगी CID

परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की टीम अब JPSC के इस्तीफा दे चुके तीनों सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ करेगी। अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को डॉ. अजीता भट्टाचार्य, मंगलवार को डॉ. अनिमा हांसदा और बुधवार को डॉ. जमाल अहमद से पूछताछ प्रस्तावित है।

जांच के दौरान परीक्षा प्रक्रिया, आयोग के स्तर पर लिए गए फैसलों और कथित अनियमितताओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सदस्यों से जानकारी ली जाएगी। जांच की जरूरत के मुताबिक तीनों को दोबारा पूछताछ के लिए भी बुलाया जा सकता है।

JPSC-JSSC Protest: पूर्व अध्यक्ष से चार दौर में हो चुकी पूछताछ

इस मामले में CID इससे पहले JPSC के पूर्व अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते से भी पूछताछ कर चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक, उनसे चार दौर में पूछताछ हुई है। इस दौरान परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों और आयोग के स्तर पर लिए गए विभिन्न फैसलों के संबंध में जानकारी जुटाई गई।

तीन सदस्यों के इस्तीफे और अब CID की प्रस्तावित पूछताछ के बाद JPSC परीक्षा विवाद की जांच को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। ऐसे में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की नजर अब सरकार की अगली कार्रवाई और जांच के नतीजों पर है।