लता मंगेशकर का डूंगरपुर के महाराजा से था खास रिश्ता, लता को प्यार से मिट्ठू पुकारते थे राज

टीआरपी डेस्क। लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है। देश दुनिया से लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। गायिका को 8 जनवरी को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। बता दें कि लता मंगेश्कर 92 साल की थीं और उन्हें उम्र से संबंधी अन्य समस्याएं भी थीं। डॉक्टर्स ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन आज सुबह उनका स्वर्गवास हो गया।

पहली नजर का प्यार थे राज सिंह

लता मंगेशकर ने शादी नहीं की है ये तो आपको पता ही होगा। अक्सर आपके दिमाग में ये सवाल जरूर आता होगा कि उन्होंने आज तक शादी क्यों नहीं की? क्या नहीं कभी प्यार नहीं हुआ? इसका जवाब है हां.. उन्हें प्यार हुआ था वो भी डूंगरपुर राजघराने के महाराजा राज सिंह से।

एक वादा जिसकी वजह से नहीं हुई शादी

कहते हैं लता मंगेशकर ये प्रेम कहानी कभी पूरी नहीं हो पाई। शायद इसीलिए लता ने आज तक शादी नहीं की। लता मंगेशकर को डूंगरपुर राजघराने के महाराजा राज सिंह से लता मंगेशकर बेहद प्यार करती थीं। ये महाराजा लता के भाई ह्रदयनाथ मंगेशकर के दोस्त भी थे।

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कहा जाता है कि राज सिंह ने अपने माता-पिता से वादा किया था कि वो किसी भी आम घर की लड़की को उनके घराने की बहू नहीं बनाएंगे। राज ने यह वादा मरते दम तक निभाया।

लता की तरह राज सिंह भी जीवन भर अविवाहित रहे

वहीं लता जी के कंघे पर पूरे घर की जिम्मेदारी थी इसीलिए उन्होंने कभी शादी नहीं की। लेकिन लता की तरह राज सिंह भी जीवन भर अविवाहित रहे। राज, लता से 6 साल बड़े भी थे। राज लता को प्यार से मिट्ठू पुकारते थे। उनकी जेब में हमेशा एक टेप रिकॉर्डर रहता था जिसमें लता के चुनिंदा गाने होते थे।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।