मुंबई। फिल्म आनंद के लिए जिंदगी कैसी है पहेली… जैसा अमर गीत लिखने वाले गीतकार योगेश का शुक्रवार को निधन हो गया। उनका पूरा नाम योगेश गौर था लेकिन उन्हें योगेश से ही पहचाना जाता था। योगेश के खाते में ‘कहीं दूर जब दिन ढल जाए’ जैसे गाने हैं और उन्होंने कई हिट फिल्मों में गीत लिखे।

योगेश को पहला ब्रेक फिल्म ‘सखी रॉबिन’ में मिला था, यह 1962 में आई थी। इसके बाद उन्होंने ‘छोटी सी बात’, ‘बातों बातों में’, ‘मंजिल’, ‘रजनीगंधा’ जैसी कई फिल्मों के लिए गीत लिखे। उनकी आखिरी फिल्म सलमान खान की ‘सनम बेवफा’ थी। 2017 में योगेश को खंडवा में ‘राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान’ दिया गया था।


योगेश के निधन पर लता मंगेशकर ने ट्विटर पर दुख जताया है। लता ने लिखा है ‘मुझे अभी पता चला कि दिलों को छूनेवाले गीत लिखने वाले कवि योगेशजी का आज स्वर्गवास हुआ। ये सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ। योगेशजी के लिखे गीत मैंने गाए। योगेशजी बहुत शांत और मधुर स्वभाव के इंसान थे। मैं उनको विनम्र श्रद्धांजलि अर्पण करती हूं।’

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।