नई दिल्ली। पाकिस्‍तान और चीन से बढ़ते ड्रोन खतरे और आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्‍ट्राइक की जरूरत से निपटने के लिए भारत ने अपनी तैयारी को तेज करना शुरू कर दिया है। भारत लखनऊ में होने जा रहे डिफेंस एक्‍सपो में इजरायल की मदद से बेहद घातक हेरोन टीपी ड्रोन बनाने के लिए डील करने जा रहा है।
आइए जानते हैं क्‍यों है दुश्‍मनों का काल….

ड्रोन विमान हेरोन टीपी

भारत पहली बार प्रॉजेक्‍ट चीता के तहत अत्‍याधुनिक इजरायली मानवरहित लड़ाकू ड्रोन विमान हेरोन टीपी खरीदने जा रहा है। ये ड्रोन विमान इजरायल की कंपनी आईएआई से खरीदे जाएंगे लेकिन उनका निर्माण भारत में होगा।

36 घंटे तक भर सकता है उड़ान

हेरोन टीपी ड्रोन मध्‍यम ऊंचाई (45000 फीट) पर उड़ते हुए करीब 36 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है। इसका कुल वजन 5670 किलोग्राम है और लंबाई 14 मीटर है। इसमें 1200 हार्स पावर के शक्तिशाली इंजन लगे हैं।

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बम और मिसाइलों से लैस हेरोन

हेरोन टीपी ड्रोन लेजर गाइडेड बम और हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों से लैस है। यह ड्रोन विमान करीब 1000 किमी तक मार करने की क्षमता रखता है। इसकी स्‍पीड 220 नॉट है। इसमें अत्‍याधुनिक संपर्क प्रणाली और जीपीएस लगा है।

बेहद खास है हेरोन टीपी ड्रोन

हेरोन टीपी ड्रोन विमान बारिश, ठंड, गर्मी किसी भी मौसम में काम करने में सक्षम है। इसमें अपने दुश्‍मनों और मित्रों को पहचाने की हाइटेक तकनीक लगाई गई है। हेरोन टीपी कई मिशन को एक साथ बेहद सटीक तरीके से अंजाम दे सकता है।

आतंकियों का ‘काल’ है हेरोन टीपी

भारत पहली बार हमलावर ड्रोन विमान खरीदने जा रहा है जिसका इस्‍तेमाल भारत के अंदर और पीओके में आतंकवाद निरोधक अभियानों में आसानी से किया जा सकता है। इस ड्रोन के जरिए पहाड़ों पर स्थित आतंकी ठिकानों को नष्‍ट किया जा सकता है।

लंबी दूरी तक मार कर सकेगा भारत

रक्षा विश्‍लेषकों के मुताबिक हेरोन टीपी ड्रोन के आने से एयरफोर्स लंबी दूरी तक मार सकेगी। उन्‍होंने कहा कि जिस तरह से अमेरिका ने पाकिस्‍तानी में अलकायदा के ठिकानों को बर्बाद किया, वैसे ही भारत में आतंकी ठिकानों को नष्‍ट कर सकता है।

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सुलेमानी जैसे हमले में सक्षम होगा भारत

हेरोन टीपी ड्रोन के आने के बाद भारत किसी भी वांछित आतंकी का पीछा कर उसे मार गिराने में सक्षम हो जाएगा। यह कुछ उसी तरह से होगा जैसे अमेरिका ने इराक के अंदर ईरानी सैन्‍य जनरल कासिम सुलेमानी को मार गिराया था।

अमेरिका, चीन के क्‍लब में शामिल होगा भारत

हेरोन टीपी ड्रोन के आने के बाद अब उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो जाएगा जो हमलावर ड्रोन का इस्‍तेमाल करते हैं। अभी तक अमेरिका, इजरायल, ब्रिटेन, चीन जैसे कुछ चुनिंदा देश ही हथियारों से लैस ड्रोन का इस्‍तेमाल करते हैं।

हेरोन के आगे कहीं नहीं ठहरता चीनी ड्रोन

चीन बहुत तेजी से अपनी ड्रोन ताकत बढ़ा रहा है। यही नहीं वह इन ड्रोन विमानों को अपने सदाबहार मित्र पाकिस्‍तान को भी निर्यात कर रहा है लेकिन विश्‍लेषकों के मुताबिक चीनी ड्रोन हेरोन के आगे कहीं नहीं ठहरते।

100 हमलावर ड्रोन की जरूरत

पाकिस्‍तान और चीन के संयुक्‍त खतरे से निपटने के लिए भारत को कम से कम 100 ड्रोन विमान की जरूरत है। बताया जा रहा है कि यह डील करीब 400 मिलियन डॉलर की होगी। भारत पहले से ही कई इजरायली सर्विलांस ड्रोन विमान का इस्‍तेमाल कर रहा है।

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