टीआरपी डेस्क। महाराष्ट्र का सियासी गणित बदल चुका है. फडणवीस को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा

और वहीं नए मुख्यमंत्री के तौर पर उद्धव ठाकरे ने सीएम की कुर्सी संभाल ली है. आज महाराष्ट्र विकास अघाड़ी

(MVA) को बहुमत साबित करना है. एनसीपी-कांग्रेस-शिवसेना गठबंधन के पास अपने 154 विधायक हैं,

जबकि 288 सदस्यीय विधानसभा में 145 का आंकड़ा बहुमत के लिए चाहिए.

 

बता दें कि तीनों पार्टियों ने मुंबई के होटल हयात में 162 विधायकों की परेड करने का दावा किया था. हॉल में

‘आम्ही 162’ और ‘We Are 162’ लिखे पोस्टर भी लगाए गए थे.

 

बीजेपी को मिली थीं 105 सीटें :

24 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे में बीजेपी को जहां 105 सीटें मिली थीं, वहीं शिवसेना के खाते में

56 सीटें आईं. इस बार के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 44 और एनसीपी को 54 सीटें मिली थीं. MVA का

दावा है कि छोटे दलों के साथ आने से उनके पास आंकड़ा 171 का हो गया है. उनके साथ समाजवादी पार्टी के

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2, स्वाभिमानी शेतकारी के एक, बहुजन विकास अघाड़ी के 3 और निर्दलीय 8 विधायक हैं.

 

इसके अलावा एमएनएस, पीडब्लूपी और सीपीआई के एक-एक विधायक भी उद्धव सरकार के साथ हैं. हालांकि,

स्पीकर वोट नहीं कर पाएगा. इसलिए सरकार के पक्ष में 170 वोट पड़ सकते हैं.

 

कांग्रेस ने की डिप्टी सीएम की मांग :

उद्धव सरकार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट करेगी, लेकिन बहुमत परीक्षण के पहले कांग्रेस ने पेच फंसा दिया है.

बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने ऐन मौके पर डिप्टी सीएम की मांग कर दी है. कांग्रेस चाहती है कि राज्य में एनसीपी

के अलावा उनकी पार्टी का भी डिप्टी सीएम हो. हालांकि कांग्रेस विधायक विजय वाडेत्तिवार ने कहा कि विश्वास

प्रस्ताव में हमें 168 से ज्यादा वोट मिलेंगे.

 

171 के आंकड़े का दावा :

शिवसेना-56

निर्दलीय-08

NCP-54

कांग्रेस- 44

समाजवादी पार्टी-02

स्वाभिमान शेतकरी -01

BVA-03

MNS-01

PWP-01

CPI(M)-01

 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।