दिल्ली में सोनिया से मुलाकात के सवाल पर भड़कीं ममता- संविधान में लिखा है क्या, हर बार मिलना जरूरी ही है?

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी पार्टी का राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने के लिए अन्य पार्टी के नेताओं को तोड़ने का काम शुरू कर दिया है और इसमें उन्हें सफलता भी मिलती दिख रही है।

बीते मंगलवार को जहां कांग्रेस नेता कीर्ति आजाद और पूर्व कांग्रेस सांसद अशोक तंवर टीएमसी में शामिल हो गए वहीं बुधवार रात मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा के साथ कांग्रेस के 11 विधायक भी टीएमसी में शामिल हो गए।

इन सबके बीच अब ममता बनर्जी के एक बयान ने कांग्रेस को एक और बड़ा झटका दिया है। दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर बनर्जी ने कहा इस बार मैंने मुलाकात के लिए सिर्फ प्रधानमंत्री का समय मांगा था। सभी नेता पंजाब के चुनाव में व्यस्त हैं। काम पहले है…हर बार हमें सोनिया गांधी से क्यों मिलना चाहिए? यह संवैधानिक रूप से बाध्यकारी थोड़े ही है? 

बता दें कि बनर्जी के कांग्रेस अध्यक्ष के साथ घनिष्ठ संबंध थे। लेकिन, हाल के घटनाक्रम, जैसे प्रमुख कांग्रेस नेताओं का टीएमसी में पलायन, गोवा की राजनीति में इसके प्रवेश और मेघालय के नेताओं को तोड़ना समेत अन्य कारकों ने दोनों दलों के बीच तनाव पैदा कर दिया है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।