मोदी सरकार ने 54 और ऐप पर लगाया बैन, नए प्रतिबंध में चीनी ऐप्स भी शामिल

नई दिल्ली। भारत सरकार ने 54 और मोबाइल ऐप्स (Mobile App) पर बैन लगा दिया है। नए प्रतिबंध में चीनी ऐप्स (Chinese Apps) भी शामिल हैं ये प्रतिबंध भारत की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता को खतरे का हवाला देते हुए लगाए गए हैं।

नए प्रतिबंध में पहले प्रतिबंधित ऐप्स भी शामिल हैं, लेकिन क्लोन के रूप में फिर से सामने आए हैं। 2020 के बाद से कुल 270 ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने के बाद 2022 में सरकार द्वारा प्रतिबंधित किए गए ऐप्स का यह पहला लॉट है।

रिपोर्ट के मुताबिक, गरेना फ्री फायर नामक एक लोकप्रिय स्मार्टफोन गेम पहले गूगल प्ले स्टोर और ऐप्पल ऐप स्टोर से गायब हो गया था और ऐसा लगता है कि यह गेम भारत में प्रतिबंधित ऐप्स की नई सूची में शामिल हो सकता है।

प्रतिबंधित ऐप के क्लोन पर लगा बैन

हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार प्रतिबंधित ऐप्स की नई सूची में ज्यादातर उन ऐप्स के क्लोन शामिल हैं, जो 2020 से भारत में पहले से ही प्रतिबंधित थे। 50 और प्रतिबंधित ऐप्स के साथ, कुल ऐप्स की सूची जो भारत द्वारा प्रतिबंधित है 320 के करीब पहुंच सकता है।

See also  मजदूरों को पेंशन देने की तैयारी में मोदी सरकार! प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के मार्फत मिलेगा लाभ

भारत में पहले से ये ऐप हैं प्रतिबंधित

भारत सरकार ने इससे पहले टिकटॉक और पबजी मोबाइल समेत कई लोकप्रिय ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया था, जबकि PUBG मोबाइल ने किसी तरह भारत में वापसी की। क्राफ्टन ने एक नया कार्यालय स्थापित किया और अपने चीनी भागीदारों के साथ संबंध तोड़ लिया, टिकटोक (TikTok) इतना भाग्यशाली नहीं रहा है और देश में प्रतिबंधित है।

साल 2020 में सबसे पहले 59 ऐप हुआ बैन

साल 2020 में लद्दाख में एलएसी पर भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर था तब सबसे पहले टिकटॉक समेत 59 चाइनीज ऐप्स पर बैन की गाज गिरी थी। भारत ने टिकटॉक, यूसी ब्राउजर, शेयर इट, हेलो, लाइकी, वी चैट, ब्यूटी प्लस जैसे लोकप्रिय ऐप्स पर बैन लगाया था। इसके बाद सरकार ने 47 मोबाइल ऐप्स पर बैन लगा दिया जिसमें से ज्यादातर या तो पहले से प्रतिबंधित ऐप्स के क्लोन थे या फिर उनसे मिलते-जुलते थे।

See also  Export Promotion Mission: मोदी सरकार निकालेगी ट्रंप टैरिफ की हवा, एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन के लिए 25,000 करोड़ रुपए का प्लान तैयार

इसके बाद सितंबर 2022 में भारत ने 118 और मोबाइल ऐप्स पर बैन लगाया जिसमें लोकप्रिय गेमिंग ऐप पबजी भी शामिल था। पबजी के अलावा अलावा लिविक, वीचैट वर्क, वीचैट रीडिंग, कैरम फ्रेंड्स, कैमकार्ड जैसे ऐप्स पर बैन लगाया गया था।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।