रायपुर। More than 12 dengue patients in Raipur Chhattisgarh! छत्तीसगढ़ मानसून सीजन शुरु होते ही जुलाई माह में ही राजधानी रायपुर के निगम क्षेत्र में डेंगू के 12 मरीजों की पुष्टि हुई है।

More than 12 dengue patients in Raipur Chhattisgarh ! गनिमत है अभी तक डेंगू से किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। मरीजों का उपचार अंबेडकर समेत निजी अस्पतालों में किया जा रहा है। साथ ही इनकी ट्रेवल्स हिस्ट्री पर भी नजर रखी जा रही है।

More than 12 dengue patients in Raipur Chhattisgarh! अंबेडकर अस्पताल की ओपीडी में रोज 1 से 2 मरीज डेंगू के लक्षण वाले आ रहे हैं। कुछ रिफरल मरीजों को भर्ती भी किया जा रहा है।

More than 12 dengue patients in Raipur Chhattisgarh! अभी तक केवल माइल्ड लक्षण वाले मरीज आ रहे हैं, जिन्हें बुखार के साथ बदन दर्द होता है। ऐसे लोग 3 से 4 दिनों के इलाज में ठीक होकर घर भी जाने लगे हैं। मरीजों को प्लेटलेट चढ़ाने की जरूरत नहीं के बराबर है। यही कारण है कि वे जल्द स्वस्थ भी हो रहे हैं।

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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में 26 मरीज

More than 12 dengue patients in Raipur Chhattisgarh! स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में जनवरी से अब तक 26 मरीज डेंगू के मिले हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विमल राय के अनुसार अभी एपेडेमिक जैसी स्थिति नहीं है। घरों में लार्वा की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इक्के-दुक्के मरीज ही आ रहे हैं। अंबेडकर ही नहीं निजी अस्पतालों में भी रोज डेंगू के मरीज पहुंच रहे हैं।

प्लेटलेट 40 हजार के नीचे तो अस्पताल जाएं

More than 12 dengue patients in Raipur Chhattisgarh! मरीज का प्लेटलेट अगर 40 हजार से कम है तो उसे प्लेटलेट चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। सीनियर मेडिकल कंसल्टेंट डॉ. योगेंद्र मल्होत्रा व एक निजी अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. युसूफ मेमन के अनुसार जो डेंगू के मरीज आ रहे हैं, वे माइल्ड लक्षण वाले हैं। शरीर में लाल चकत्ते हों तो प्लेटलेट की जांच जरूर करवाएं।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।