वन विभाग के 32 DFO और 60 SDO के खिलाफ खरीदी के मामलों में चल रही है जांच, मुख्यालय द्वारा जारी किया गया है नोटिस
वन विभाग के 32 DFO और 60 SDO के खिलाफ खरीदी के मामलों में चल रही है जांच, मुख्यालय द्वारा जारी किया गया है नोटिस

रायपुर। राज्य में राजस्व की तरह ही वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग का अमला भी काफी बड़ा है, भ्रष्टाचार के मामले में भी यह विभाग काफी अव्वल है। तभी तो बीते ढाई सालो में विभाग मुख्यालय से 92 अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। इनमे 60 SDO के अलावा 32 DFO और अन्य उच्चाधकारी तथा शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।

विधानसभा के सदन में भाजपा विधायक डॉ कृष्णमूर्ति बाँधी के सवाल पर वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने इसकी जानकारी देते हुए अधिकारियों की सूची उपलब्ध कराई गई है और इसमें बताया गया है कि खरीदी में अनियमितता, भंडार क्रय नियम का पालन न करने तथा अन्य अनियमितताओं के लिए नोटिस या आरोप पात्र जारी किया गया है।

इन अधिकारियों को भेजा गया है नोटिस

विधानसभा में इस संबंध में जो जानकारी उपलब्ध कराइ गई है उनमे भारतीय वन सेवा के एसपी पैकरा, बीएस ठाकुर,विवेकानंद झा, पीके केशर, अतुल कुमार शुक्ल, अनिल सोनी, जेएसीएस राव, श्रीमती एम मर्सिबेला, प्रणय मिश्रा, मयंक पांडेय, एम गोविंद राव, जे श्रीराम, बीपी सिंह, रमेश चंद्र दुग्गा, डीपी साहू, आरके जांगड़े, अमिताभ बाजपेई, एनवी नरेंद्रन, आयुष जैन, श्रीमती विजय विनोद कुर्रे, स्टायलो मंडावी, अशोक कुमार पटेल, आर ए दुबे, डीपी साहू, एसएस बजाज शामिल हैं। इनमे से कुछ अधिकारियों को दो से तीन बार नोटिस या आरोप पत्र जारी किया गया है।
इसी तरह जिन्हे आरोप पत्र या नोटिस जारी किया गया है, उनमे राज्य स्तर के 60 सहायक वन संरक्षक या SDO शामिल हैं। इनके खिलाफ अंतिम कार्रवाई क्या की गई इसकी जानकारी नहीं दी गई है। इनमे से भी अनेक अधिकारीयों को एक नहीं बल्कि कई बार नोटिस जारी किया गया है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।