चेन्नै। Diwali Bonus: दिवाली के मौके पर सरकारी कर्मचारियों के लिए तो बोनस (Diwali Bonus) का ऐलान होता है। प्राइवेट कर्मचारियों की दिवाली उनके मालिक के मूड पर निर्भर करती है। देश के कुछ कारोबारी ऐसे हैं जो हर दिवाली अपने कर्मचारियों को एक से बढ़कर एक तोहफे देते हैं।

Diwali Bonus: फिर चाहे वह कई गुना बढ़ा बोनस हो या फिर चमचमाती नई कार, रहने के लिए फ्लैट हो या फिर BMW जैसा लग्जरी वीइकल। भारत की कुछ कंपनियों के मालिक बड़े दिलदार हैं।

Diwali Bonus: चेन्नै के जयंती जूलरी स्टोर के कर्मचारियों को जब दिवाली पर तोहफ में कार और बाइक्स मिलीं तो उनके आंसू छलक आए। जयंती लाल चल्लानी ने आठ कर्मचारियों को कार दी और 18 को बाइक गिफ्ट की।

Diwali Bonus: कंपनी के एक अधिकारी के मुताबिक, कंपनी ने इस साल कैश बोनस देने के बजाय गाड़ियां देने का फैसला किया। कंपनी की सोच यह थी कि कैश दो महीने में खत्म हो जाएगा पर कार लंबे वक्त तक साथ रहेगी।

Diwali Bonus: कर्मचारियों को इस बारे में कुछ नहीं बताया गया। जब उन्हें सरप्राइज मिला तो कई के आंसू छलक उठे। कंपनी ने पांच साल की गारंटी वाली ऑटोमेटिक कारें बांटे है। इंश्योरेंस कवरेज के साथ और पूरी टंकी फुल करके दी है।

महंगे तोहफे देने के लिए मशहूर हैं सावजी ढोलकिया

Diwali Bonus: गुजरात के हीरा व्यापारी सावजी ढोलकिया हर साल अपने कर्मचारियों को दिवाली पर महंगे गिफ्ट देते हैं। 2014 में दिवाली बोनस के तौर पर 491 कारें और 207 फ्लैट दिए थे।

Diwali Bonus: 2016 में उन्होंने दिवाली पर 400 फ्लैट और 1260 कारें गिफ्ट की थीं। 2018 में उन्होंने अपने तीन कर्मचारियों को मर्सिडीज बेंज जैसी महंगी कार गिफ्ट की थीं।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।