ट्रेनों
10 अप्रैल तक अधिकांश ट्रेनों को फिर से पटरी पर दौड़ाने की योजना

टीआरपी डेस्क। रेलवे ने यात्रियों की परेशानियों को दूर करने के लिए दस अप्रैल तक कोरोना काल से पहले चलने वाली ट्रेनों में से 90 फीसदी को फिर से चलाने की योजना बनाई है. रेलवे ने बाकायदा इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है. रेलवे की इस पहल से यात्रियों को सफर करने में होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी.

पत्र लिखकर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने को कहा

उत्तर रेलवे ने सभी मंडलों को पत्र लिखकर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने को कहा है। इस संबंध में जारी पत्र में रेलवे बोर्ड के निर्देश का हवाला दिया गया है। कोरोना की वजह से पिछले वर्ष मार्च के अंतिम सप्ताह में ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया था।

जून से चल रही हैं विशेष ट्रेनें

जून से विशेष ट्रेनों का परिचालन हो रहा है। आहिस्ता-आहिस्ता इनकी संख्या बढ़ रही है। लंबी दूरी की ट्रेनों के बाद इसी माह से कुछ संख्या में लोकल ट्रेनों का भी परिचालन किया जा रहा है। इस समय दिल्ली मंडल में लगभग 50 फीसदी ट्रेनें पटरी पर उतरी हैं।

पहले के मुकाबले यह है मौजूदा स्थिति

कोरोना संकट से पहले नई दिल्ली लगभग 360 ट्रेनों का परिचालन होता था लेकिन इस समय 177 ट्रेनें चल रही हैं। अन्य स्टेशनों से भी कम संख्या में ट्रेनें चल रही हैं। ट्रेनों की संख्या कम होने से यात्रियों को कंफर्म टिकट लेने में परेशानी होती है।

इसके साथ ही लोकल ट्रेनों के अभाव में कामकाज के सिलसिले में रोजाना सफर करने वाले यात्री परेशान हैं। अब यात्रियों की यह परेशानी दूर होगी। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दस अप्रैल के बाद भी विशेष ट्रेनें चलेंगी या फिर पहले की तरह नियमित।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।