CG News: पीएससी 2021 में चयनित डिप्टी कलेक्टर व डीएसपी अभ्यर्थियों को 60 दिनों में दें ज्वाइनिंग, हाईकोर्ट का फैसला, जानें किसे मिलेगा लाभ

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से आयोग, निगम और मंडलों में की गई नियुक्ति के खिलाफ दायर याचिका को हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। इस पर हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई की और राज्य सरकार समेत सभी पक्षकारों से जवाब मांगा है। याचिका में कहा गया था कि अध्यक्ष पदों पर मनमर्जी से नियुक्तियां की गई हैं। साथ ही इन पर सिर्फ राजनीतिक व्यक्तियों को बैठाया गया है।

बिलासपुर के अभिषेक चौबे ने वकील योगेश्वर शर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट में जनहित दायर की है। इसमें बताया गया है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने विभिन्न संवैधानिक आयोग जैसे बाल अधिकार संरक्षण आयोग, अनुसूचित जनजाति आयोग आदि में अध्यक्ष पद पर पिछले दिनों नियुक्ति की गई थी। नियुक्त लोगों के चयन में कोई पारदर्शिता नहीं बरती गई और न ही विज्ञापन के जरिए भर्ती हुई हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की दी गई दलील

याचिका ने नियमों का हवाला देते हुए कहा गया है, बाल अधिकारों के संरक्षण में कार्य के लिए व्यक्ति और अनुसूचित जनजाति के मामलों की जानकारी रखने वाले व्यक्ति का चयन इन पदों पर करना था। चेयरमैन की नियुक्ति चयन समिति द्वारा होनी थी जबकि, सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे पदों पर नियुक्ति के लिए चयन प्रक्रिया को वेबसाइट पर सार्वजनिक करने को कहा था।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।