Raipur City News: रायपुर। बस्तर की मिट्टी की एक अनोखी कहानी छत्तीसगढ़ी फिल्म “माटी” की गुरूवार को पीवीआर में स्पेशल स्क्रीनिंग हुई। इस दौरान वनमंत्री केदार कश्यप, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, छत्तीसगढ़ी फिल्म निदेशक मनोज वर्मा और सतीश जैन समेत फिल्म जगत के नामी शख्सियत मौजूद रहे। सभी ने “माटी” मूवी को छत्तीसगढ़ के लिए आवश्यक बताया।

14 नवंबर को प्रदेशभर के 40 सिनेमाघरों में एक साथ रिलीज़

Raipur City News: छत्तीसगढ़ी फिल्म “माटी” 14 नवंबर को प्रदेशभर के 40 सिनेमाघरों में एक साथ रिलीज़ होने जा रही है। इस फिल्म का निर्माण संपत झा और निर्देशन अविनाश प्रसाद ने किया है। फिल्म की कहानी बस्तर के नक्सलवाद की पृष्ठभूमि पर आधारित है, लेकिन इसमें सिर्फ हिंसा नहीं, बल्कि वहां के लोगों के संघर्ष, जिजीविषा और उम्मीदों को भी गहराई से दर्शाया गया है।

Raipur City News: फिल्म “माटी” में मुख्य भूमिका में महेंद्र सिंह ठाकुर नजर आएंगे, जो वास्तविक जीवन में शिक्षक हैं और कई हल्बी फिल्मों व एलबम्स में अभिनय कर चुके हैं। वे फिल्म में भीमा का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म की खासियत यह है कि इसमें अधिकांश स्थानीय कलाकारों ने काम किया है, जिनमें पूर्व नक्सली, शिक्षक, पत्रकार और आम नागरिक शामिल हैं। पूरी फिल्म की शूटिंग बस्तर के खूबसूरत प्राकृतिक परिवेश में की गई है।

Raipur City News: निर्देशक अविनाश प्रसाद के अनुसार, “माटी” बस्तर की आत्मा की अभिव्यक्ति है, यह फिल्म बस्तर की असली छवि को देश के सामने लाने का एक ईमानदार प्रयास है। फिल्म में नक्सलियों की एक मार्मिक प्रेम कहानी भी दिखाई गई है, जिसमें 38 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने अभिनय किया है।

Raipur City News: निर्माता संपत झा ने बताया कि यह फिल्म बस्तर की मिट्टी की खुशबू, उसके दर्द, संघर्ष और उम्मीदों को सिल्वर स्क्रीन पर जीवंत करने जा रही है। बस्तर की धरती में जन्मे कलाकारों ने इसे बनाया है, जिन्होंने नक्सलवाद का दर्द करीब से महसूस किया है। बस्तर के जंगल देवता, बैगा, गुनिया, झरने, पर्वत और वहां की जीवनशैली को फिल्म में बड़ी खूबसूरती से पिरोया गया है।

Raipur City News: संपत झा का कहना है कि बस्तर के झरनों की कल-कल ध्वनि और उसके लोकसंगीत की मधुरता को फिल्म के गीतों में गूंथा गया है, जो दर्शकों को बस्तर की माटी से आत्मिक जुड़ाव का अनुभव कराएगी।