टीकाकरण

नई दिल्‍ली। कोरोना वायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर के बीच केंद्र सरकार (Central Government) ने सुप्रीम कोर्ट (SC) के सामने वैक्सीन वितरण का एक फॉर्मूला पेश किया है। इसके मुताबिक राज्य सरकारों को 18 से 44 साल तक की आयु वर्ग वाली आबादी के लिए मई में वैक्‍सीन के करीब 2 करोड़ डोज दिए जाएंगे। सरकार ने यह भी कहा है कि इस महीने वैक्सीन के 8.5 करोड़ डोज तैयार होने की उम्मीद है।

राज्‍यों के लिए तय किया कोटा

केंद्र ने कहा है कि उसने राज्‍यों को यह 8.5 करोड़ डोज सप्‍लाई करने के लिए कोटा तय कर दिया है। राज्‍यों को इस कोटे के मुताबिक वैक्सीन निर्माताओं से खुद डोज खरीदने होंगे।

खबर के मुताबिक मौजूदा उपलब्‍ध 2 करोड़ डोज को राज्‍यों में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों की संख्या के आधार पर भेजा जाएगा. ताकि सभी को समान रूप से वैक्‍सीन डोज मिल सकें क्‍योंकि कुछ राज्यों ने शिकायत की है कि उन्‍हें कम मात्रा में वैक्‍सीन डोज आवंटित किए गए हैं।

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कोटे से ज्‍यादा नहीं कर सकेंगे खरीदी

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है, ‘राज्य वैक्‍सीन निर्माताओं से वैक्‍सीन खरीद कर रहे हैं जबकि, केंद्र सरकार ने वैक्सीन निर्माताओं से परामर्श करके प्रत्येक राज्य की 18-44 (वर्ष) की आबादी के आधार पर कोटा निर्धारित किया है। अब राज्य केवल कोटे के मुताबिक ही तय मात्रा में वैक्सीन खरीद पाएंगे, ताकि राज्यों के बीच वैक्‍सीन की उपलब्धता में कोई असमानता न हो।

वैक्‍सीन निर्माताओं के लिए भी बनाए नियम

केंद्र सरकार ने देश के वैक्सीन निर्माताओं (Vaccine Manufacturers) के लिए भी नियम बनाए हैं। इसके तहत कंपनियों को वैक्सीन स्टॉक की 50 प्रतिशत आपूर्ति केंद्र सरकार को करनी है। इसके बाद बाकी वैक्‍सीन को कंपनियां निजी खरीददारों और राज्य सरकारों को बेच सकती है। बता दें कि देश में 18 से 44 वर्ष के बीच के लगभग 60 करोड़ लोग हैं।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।