रायपुर। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में हर घर तिरंगा अभियान पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। बालोद जिले के ग्राम बघमरा में यह अभियान महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायक मिसाल बन गया है। यहाँ की चार स्व-सहायता समूहों की महिलाएं तिरंगा झण्डा बनाने में जोर-शोर से जुटी हैं। अब तक इन महिलाओं द्वारा 6,000 से अधिक तिरंगे झंडे तैयार किए जा चुके हैं, जिससे उन्हें लगभग दो लाख रुपये की आय प्राप्त हुई है।

यह पहल न केवल स्थानीय महिलाओं के लिए आजीविका का नया माध्यम बनी है, बल्कि राष्ट्रभक्ति और गौरव का भाव भी उनमें सशक्त रूप से जागृत कर रही है। इन समूहों द्वारा तैयार किए गए तिरंगे स्थानीय बाजारों, दुकानों और शासकीय कार्यालयों में स्थापित स्टॉल्स के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जय कपिलेश्वर समूह की तिजन बाई ने बताया कि, हमारी सिलाई मशीनें दिन-रात चल रही हैं। हर झंडे में हमारा प्रेम और देशभक्ति की भावना समाहित होती है। यह कार्य हमें आत्मनिर्भर बना रहा है और देशसेवा का गौरव भी प्रदान कर रहा है।

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सहेली समूह की देवकी विश्वकर्मा ने कहा कि पहले हम छोटे-मोटे कार्यों पर निर्भर थे, लेकिन इस अभियान ने हमें एक नई पहचान दी है। तिरंगा बनाना केवल कार्य नहीं, बल्कि देश के लिए कुछ कर गुजरने का जुनून है। नवज्योति समूह की सरोजनी साहू ने गर्व के साथ बताया कि हमारी मेहनत से तैयार तिरंगे जब गाँव और जिले के घरों में लहराते हैं, तो आत्मगौरव की अनुभूति होती है। हमारा प्रयास है कि हर घर में तिरंगा फहराया जाए और हमारा गाँव इस अभियान में अग्रणी बने। इन समूहों द्वारा बनाए जा रहे तिरंगों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। सिलाई मशीनों के माध्यम से महिलाएं राष्ट्रध्वज के तीन रंग केसरी, सफेद और हरे को संयोजित कर सटीकता के साथ तैयार कर रही हैं। 

कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने जिलेवासियों से हर घर तिरंगा अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि महिला समूहों के द्वारा मेहनत से बनाए गए तिरंगे आपके घरों की शान बनेंगे। 15 अगस्त को अपने घर पर तिरंगा फहराकर देशभक्ति का पर्व मनाएं।

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बिहान के सहायक परियोजना अधिकारी ने बताया कि जिले में अब तक 13 स्वयं सहायता समूहों द्वारा 8,000 से अधिक तिरंगे झंडे तैयार कर विक्रय किए जा चुके हैं तथा 5,000 तिरंगों का अतिरिक्त ऑर्डर प्राप्त हुआ है। हर घर तिरंगा अभियान ने ग्राम बघमरा की महिलाओं के लिए आजीविका का मजबूत साधन बनकर उन्हें आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाया है। 

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।