नई दिल्ली। तिहाड़ के अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश की जेलों से दो जल्लाद उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ये जल्लाद निर्भया मामले के चारों दोषियों की फांसी के लिए अगले दो हफ्तों में दिल्ली पहुंच सकते हैं। इनमें मेरठ जेल के पवन जल्लाद के शामिल होने की संभावना है, वहीं दूसरे जल्लाद की खोज जारी है।

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली की तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने एक पत्र में यूपी में अपने समकक्षों से मदद मांगते हुए लिखा है, ‘दो जल्लादों की अर्जेंट जरूरत’ है। पत्र में निर्भया के चार दोषियों को जारी किए गए डेथ वॉरंट का भी जिक्र किया गया है।

सूत्रों का यह भी दावा है कि मेरठ के पवन जल्लाद को प्रशिक्षित और मेडिकली फिट होने के बाद मुख्य जल्लाद के रूप में मांगा गया है। पवन को फांसी से कुछ दिन पहले दिल्ली लाने के लिए एक टीम मेरठ भेजी जाएगी। पवन को पहले से ही लो प्रोफाइल रखने के लिए कहा गया है।

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जेल प्रशासन ने भी उत्तर प्रदेश सरकार से उसकी सुरक्षा बढ़ाने का अनुरोध किया है।

 

‘तन्हाई’ में शिफ्ट होंगे दोषी :

दूसरी ओर, मौत का वॉरंट जारी होने के बाद बुधवार को जब निर्भया केस के चारों दोषियों ने जेल स्टाफ तक से बात करना बंद कर दिया तो उनकी निगरानी बढ़ा दी गई।

सूत्रों ने कहा कि अक्षय ठाकुर, पवन गुप्ता और मुकेश सिंह को सॉलिटरी सेल (तन्हाई) में शिफ्ट किया जा रहा है। तीनों को ‘कसूरी वॉर्ड’ नामक सॉलिटरी सेल में स्थानांतरित कर दिया जाएगा, जिसमें हिंसक प्रवृत्ति के कैदियों से निपटने के लिए सुरक्षा उपायों को भी बढ़ाया गया है।

वहीं चौथे दोषी शर्मा ने खुद को अपनी कोठरी में कैद कर लिया है और वह डेथ वॉरंट जारी होने के बाद से तो सो भी नहीं रहा है।

दोषियों ने एससी में डाली क्यूरेटिव पिटिशन :

इससे पहले, निर्भया गैंगरेप और मर्डर केस के एक दोषी मुकेश ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटिशन यानी सुधारात्मक याचिका दायर की है।

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इससे पहले, दोपहर में एक अन्य दोषी विनय कुमार शर्मा ने फांसी से बचने के आखिरी प्रयास में क्यूरेटिव पिटिशन डाली थी। दोषियों की पुनर्विचार याचिका खारिज हो चुकी है लिहाजा क्यूरेटिव पिटिशन ही अब उनके लिए आखिरी कानूनी विकल्प है।

गौरतलब है कि दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को ही इस मामले के चारों दोषियों मुकेश, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह को 22 जनवरी की सुबह 7 बजे तिहाड़ जेल में मौत होने तक फांसी के फंदे पर लटकाने के लिए जरूरी वॉरंट जारी किए थे।

दक्षिण दिल्ली में 16 दिसंबर, 2012 की रात चलती बस में 6 व्यक्तियों ने निर्भया के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद उसे बुरी तरह जख्मी करके मरने के लिए बाहर फेंक दिया था।

निर्भया की बाद में 29 दिसंबर, 2012 को सिंगापुर के अस्पताल में मौत हो गई थी। इस केस के मुख्य आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में खुदकुशी कर ली थी जबकि एक नाबालिग दोषी बहुत पहले ही रिहा हो चुका है।

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