टीआरपी डेस्क। महाराष्ट्र में सरकार गठन की तीसरी कोशिश के लगभग फेल होने के बाद राज्य में अब राष्ट्रपति शासन

लगने के आसार बन रहे हैं। 24 अक्टूबर को नतीजे आने के बाद महाराष्ट्र को सरकार का इंतजार है। बीजेपी राज्य में

सरकार बनाने में असफल रही इसके बाद राज्यपाल ने शिवसेना को 24 घंटे में बहुमत जुगाड़ करने को कहा, लेकिन

शिवसेना भी जादुई आंकड़ा जुगाड़ नहीं कर पाई। एनसीपी भी इस कोशिश में फेल रही है। इधर कैबिनेट ने महाराष्ट्र में

राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दी है।अब शिवसेना नेता राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश के खिलाफ सुप्रीम

कोर्ट चले गए हैं।

राज्यपाल को इंतजार करना चाहिए था: संजय निरुपम

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की कैबिनेट की सिफारिश के बीच कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने केंद्र सरकार की

आलोचना की है। संजय निरुपम ने ट्वीट कर कहा है कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला बहुत पहले

See also  National Global Hunger Index: भुखमरी में 94वें नंबर से 101वें पर फिसला भारत, जानें पाक और नेपाल का हाल

हो चुका था। लेकिन माननीय राज्यपाल को अपनी रिपोर्ट भेजने से पहले आज रात 8.30 बजे तक इंतजार करना

चाहिए था, क्योंकि इस समयसीमा को उन्होंने ही तय किया था और एनसीपी को सरकार बनाने का मौका दिया था।

पहली नजर में यह अवैध और  असंवैधानिक दिखता है।

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें और Youtube  पर हमें subscribe करें। एक ही क्लिक में पढ़ें  The Rural Press की सारी खबरें।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।