Winter Session From 2 January- शीत सत्र में होगा उपाध्यक्ष का चुनाव
Winter Session From 2 January- शीत सत्र में होगा उपाध्यक्ष का चुनाव

विशेष संवादाता, रायपुर

भानुप्रतापपुर उपचुनाव का परिणाम आ गया है। विधानसभा उपाध्यक्ष दिवंगत मनोज मंडावी की पत्नी सावित्री मंडावी ऐतिहासिक मतों से जीत भी गई हैं। बता दें कि विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज मंडावी के निधन के बाद उपाध्यक्ष पद रिक्त हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक इस पद पर पहुंचने के लिए जोड़ तोड़ शुरू कर दिए हैं। सत्ता पक्ष भी किसी ऐसे को विधानसभा उपाध्यक्ष बनाना चाहेगा जो जातिगत, वरिष्टता और संसदीय कार्यों के अनुरूप हो। क्योंकि शीतकालीन और बजट सत्र भी चलेगा।

बता दें प्रदेश में आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित 29 विधानसभा सीट में से 27 कांग्रेस के पाले में आई। कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो वरिष्ठता के आधार पर आदिवासी वर्ग से डा प्रीतम राम, चिंतामणि महाराज, रामपुकार सिंह, लखेश्वर बघेल, चिंतामणि महाराज, संतराम का नाम उपाध्यक्ष पद की दौड़ में है।

हालांकि सामान्य वर्ग से सत्यनारायण शर्मा, अमितेश शुक्ल और ओबीसी से धनेन्द्र साहू के नामों की भी चर्चा है। लेकिन तीनों की वरिष्ठता और जातिगत समीकरण के साथ ही पद की अपेक्षा में इनका नाम ज़रा ज्यादा वजनदार है। इसलिए संभवतयः इन्हे मौका मिला भी तो ये स्वीकार नहीं करेंगे ऐसा प्रतीत होता है। बता दें कि विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज मंडावी के निधन के बाद उपाध्यक्ष पद रिक्त हो गया है। भानुप्रतापपुर उपचुनाव का परिणाम आ गया है। इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक इस पद पर पहुंचने के लिए जोड़ तोड़ शुरू करेंगे। ऐसे में सरगुजा के आदिवासी विधायकों की किस्मत खुल सकती है।

See also  स्मृति ईरानी के बयान CM बघेल का वार, कहा- उन्हें गांधी परिवार का फोबिया…! सांसदों की पीएम से मुलाकात पर भी बोले सीएम

कांग्रेस ने 3 दिन पहले ही प्रदेश प्रभारी को बदला है। पीएल पुनिया की जगह कुमारी सैलजा को प्रदेश प्रभारी बनाया है। सैलजा के सामने दावेदार सक्रियता से अपना पक्ष रखने की तैयारी में हैं। विधानसभा अध्यक्ष पद पर ओबीसी वर्ग के डा चरणदास महंत है। मनोज मंडावी बस्तर और आदिवासी समाज से आते हैं। वर्तमान परिस्थिति में वरिष्ठता के आधार पर बस्तर का कोई भी विधायकइस पद को हासिल कर सके इस स्थिति में नहीं है। इसलिए बस्तर नहीं अब सरगुजा के एसटी विधायक नहीं तो किसी सामान्य वर्ग के विधायक को जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।