West Bengal Assembly Elections 2025: कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के चुनावी रणनीतिकार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य के तीन दिवसीय दौरे के दौरान पार्टी संगठन, जमीनी हालात और चुनावी तैयारियों की गहन समीक्षा की।

इस दौरान उन्होंने बंगाल विजय के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय करते हुए 294 विधानसभा सीटों में से दो-तिहाई सीटों पर जीत का टारगेट कार्यकर्ताओं के सामने रखा। बता दें कि, बिहार विधानसभा चुनाव में मिली सफलता से उत्साहित बीजेपी अब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के इरादे से पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। अमित शाह ने इस दौरे के दौरान संगठन को कसने के साथ-साथ चुनावी एजेंडा भी साफ कर दिया।

West Bengal Assembly Elections 2025: पांच प्रमुख मुद्दों पर लड़ा जाएगा चुनाव

अमित शाह ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे प्रचार के दौरान पांच मुख्य मुद्दों को केंद्र में रखें—

  1. घुसपैठ की समस्या
  2. वंदे मातरम
  3. जय श्री राम
  4. सोनार बांग्ला का निर्माण
  5. बंगाल की सांस्कृतिक विरासत की पुनर्स्थापना
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बीजेपी का मानना है कि ये मुद्दे भावनात्मक और जमीनी स्तर पर जनता से जुड़ते हैं और पार्टी के पक्ष में माहौल बना सकते हैं।

West Bengal Assembly Elections 2025: घुसपैठ पर सबसे आक्रामक रुख

गृह मंत्री के एजेंडे में घुसपैठ का मुद्दा सबसे ऊपर है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि जनता को यह समझाया जाए कि सुरक्षित बंगाल के लिए बीजेपी की सरकार क्यों जरूरी है। अमित शाह ने दो टूक कहा कि बीजेपी की सरकार बनने पर घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अमित शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे जब जनता के बीच जाये तो ये समझाए कि, तृणमूल कांग्रेस सरकार तुष्टिकरण की राजनीति के चलते इस मुद्दे पर नरम रुख अपनाती रही है। पार्टी का दावा है कि सीमा सुरक्षा और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग में राज्य सरकार बाधा डालती है।

West Bengal Assembly Elections 2025: ‘सोनार बांग्ला’ और खोई विरासत की वापसी

अमित शाह ने ‘सोनार बांग्ला’ को केवल नारा नहीं, बल्कि चुनावी विजन बताया। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर बंगाल के गौरवशाली इतिहास और मौजूदा हालात की तुलना जनता के सामने रखें। बीजेपी का फोकस बंगाल की सांस्कृतिक, साहित्यिक और ऐतिहासिक पहचान को दोबारा स्थापित करने पर रहेगा। ‘वंदे मातरम’ और ‘जय श्री राम’ को इसी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रतीक के तौर पर प्रचारित किया जाएगा।

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West Bengal Assembly Elections 2025: भ्रष्टाचार पर तृणमूल की घेराबंदी

भावनात्मक मुद्दों के साथ-साथ बीजेपी भ्रष्टाचार को भी बड़ा चुनावी हथियार बना रही है। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि अब पार्टी रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक रणनीति अपनाएगी। शाह ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय घोटालों को नाम लेकर जनता के सामने रखें।

West Bengal Assembly Elections 2025: 294 सीटों पर बूथ स्तर तक तैयारी

इसके अलावा अमित शाह ने बूथ स्तर तक तैयारियों की जानकारी ली और यह सुनिश्चित किया कि बीजेपी की पहुंच राज्य के हर हिस्से तक बने। इस दौरान अमित शाह ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ सांसदों, विधायकों, पार्षदों, कार्यकर्ताओं और RSS पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इन बैठकों का उद्देश्य एक ही था—बीजेपी को बंगाल में सत्ता तक पहुंचाने के लिए संगठन को पूरी तरह तैयार करना।