WHO की चेतावनी, दुनिया में फैल सकती है इबोला जैसी महामारी, 88 फीसदी मृत्‍यु दर, नहीं है कोई इलाज

जिनेवा। Marburg Virus विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) ने आपात चेतावनी दी है कि दुनिया में इबोला वायरस जैसी महामारी मारबर्ग फैल सकती है। इस महामारी में संक्रमित लोगों के मरने की दर 88 फीसदी तक हो सकती है।

मारबर्ग वायरस का मामला पश्चिमी अफ्रीकी देश गिनी में सामने आया है और अब विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह वायरस काफी दूर तक फैल सकता है, ऐसे में उसके तत्‍काल खात्‍मे की जरूरत है। मारबर्ग वायरस के मामले के सामने आने के बाद कुछ उसी तरह की अफरा-तफरी है जैसे वर्ष 2013-16 में पश्चिम अफ्रीका में इबोला वायरस फैलने के बाद मची थी।

डब्‍ल्‍यूएचओ के क्षेत्रीय निदेशक डॉक्‍टर मातशिदिसो मोइती ने कहा, ‘इस मारबर्ग वायरस के फैलने की आशंका काफी दूर तक है। उन्‍होंने कहा कि हम गिनी के स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं जो इबोला के खिलाफ काम करने के अनुभवों से लैस हैं।

इससे पहले डब्‍ल्‍यूएचओ ने पुष्टि की थी कि गिनी में इबोला जैसे ‘मारबर्ग’ वायरस की चपेट में आकर जान गंवाने वाले एक व्यक्ति के संपर्क में कम से कम चार लोग आए थे। उसने कहा कि पश्चिमी अफ्रीकी देश में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कर्मियों को नियुक्त किया गया है। डब्ल्यूएचओ की प्रवक्ता फाडेला चैब ने कहा कि पहली बार सामने आया यह मामला पश्चिमी अफ्रीका में पहला है।

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11,325 लोगों की हो गई थी मौत 

मारबर्ग वायरस संक्रमण का यह मामला गिनी से सिएरा लियोन और लाइबेरिया के सीमावर्ती क्षेत्र में सामने आया था, जहां 2014 और 2016 के बीच ईबोला वायरस फैला था, जिससे कम से कम 11,325 लोगों की मौत हो गई थी।

चैब ने कहा कि चार लोगों की मारबर्ग संक्रमण की जांच हुई है और अधिकारी नतीजे का इंतजार कर रहे हैं। चैब ने कहा, ‘चार लोग संपर्क में आए थे और उनमें लक्षण नहीं हैं। इसलिए उनमें रोग का पता नहीं चला।’

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।