नई दिल्ली। ब्रिटेन हाईकोर्ट ने भारतीय उद्योगपति अनिल अंबानी को बड़ी राहत देते हुए उनके पक्ष में फैसला सुनाया।

ब्रिटेन हाईकोर्ट ने रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ चीनी बैंक की तरफ दायर 68 करोड़ डॉलर के

दावे को खारिज कर दिया। हालांकि अदालत ने अंबानी के वकीलों से कहा है कि परीक्षण के दौरान सबूत पेश करें कि

चीनी बैंकों का दावा बिना किसी योग्यता के है।

 

इस बीच अंबानी की कानूनी टीम ने यह भरोसा जताया है कि सभी तथ्यों और पूरे साक्ष्य को अदालत

के सामने पेश करने के बाद उनकी स्थिति पूरी तरह से सामने आ जाएगी।

 

क्या है पूरा मामला

दरअसल ब्‍लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, इसी साल के जून महीने में एक खबर आई थी जिसके मुताबिक स्टॉक एक्सचेंज

में एक भारतीय कंपनी द्वारा की गई फाइलिंग के अनुसार चीन की तीन बड़ी बैंक चाइना डेवलपमेंट बैंक, इंडस्ट्रियल एंड

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कमर्शियल बैंक ऑफ़ चाइना और एक्ज़िम बैंक ऑफ़ चाइना ने अनिल अंबानी  की कंपनी से 2.1 बिलियन डॉलर (1.46 लाख

करोड़ रुपए) की मांग की थी।

 

सरकारी चायना डेवलपमेंट बैंक 98.6 बिलियन रुपये (1.4 बिलियन डॉलर) के साथ इस दूरसंचार कंपनी का सबसे बड़ा लेनदार है।

वहीं एग्जिम बैंक ऑफ चाइना ने 33.6 बिलियन रुपये की मांग की है और इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना ने 15.54

बिलियन रुपये का दावा किया है।

 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।