ढाका। भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को वापस लेने के बारे में बांग्लादेश सरकार ने यूटर्न

ले लिया है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने कहा है कि बीते  हफ्तों जो भी लोग में अवैध

तरीके से बांग्लादेश में घुसे हैं, उनकी जांच होगी। मोमेन ने कहा कि अगर वे लोग गैर-बांग्लादेशी पाए जाते

हैं, तो उन्हें वापस भारत भेजा जाएगा। वे भारत में अवैध तरीक से रह  रहे बांग्लादेशियों को बकायदा जांच

के बाद देश में वापस लेने के लिए तैयार हैं। इस बारे में भारत को जानकारी दे दी गई है। बता दें कि इससे

पहले बांग्लादेश सरकार ने भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी लोगों की वापस लेने की बात मानते

हुए भारत सरकार से लिस्ट मांगी थी।

 

बांग्लादेश बॉर्डर पुलिस ने कहा था कि भारत में एनआरसी लाने की बात शुरू होने के बाद से ही 300 से

ज्यादा लोगों को सीमा पर घुसपैठ करते पकड़ा गया है। यह सभी लोग पूछताछ में खुद को बांग्लादेशी

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नागरिक बता रहे हैं। हालांकि, उनके पास नागरिकता साबित करने लायक कोई दस्तावेज नहीं है। स्थानीय

लोगों का कहना है कि बॉर्डर पुलिस ने अब तक जितनों को गिरफ्तार किया है, उनसे कई ज्यादा

लोग बांग्लादेश में घुसपैठ कर चुके हैं।

 

एनआरसी भारत का अंदरूनी मुद्द : मोमेन

मोमेन ने पिछले हफ्ते ही कहा था कि उनकी सरकार भारत में अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशियों को लौटने

की अनुमति देगी। भारत-बांग्लादेश के बीच रिश्तों में काफी मिठास है और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजनशिप

(एनआरसी) की वजह से उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। मोमेन के मुताबिक, भारत पहले ही एनआरसी को

अंदरूनी मुद्दा बता चुका है। ऐसे में बांग्लादेश का इस पर कोई असर नहीं होगा। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख

हसीना ने इस मुद्दे को न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक में भी उठाया था।

बांग्लादेश ने शाह को धमकी देने वाले मंत्री का वीजा रद्द किया

पश्चिम बंगाल में जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष और पुस्तकालय मंत्री सिद्दिकुल्ला चौधरी ने दावा किया है कि

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बांग्लादेश के डिप्टी हाई कमीशन ने उनका पड़ोसी देश जाने का वीजा रद्द कर दिया। चौधरी के मुताबिक, उन्हें एक

कार्यक्रम और कुछ निजी कार्यों के लिए 26 से 31 दिसंबर तक बांग्लादेश जाना था। इसके लिए उन्होंने 12 दिसंबर

को ही आवेदन किया। लेकिन हाई कमीशन की तरफ से न तो वीजा आवेदन मंजूर हुआ और न ही इसे आधिकारिक

तौर पर रद्द किया गया। उनके पास राज्य और केंद्र सरकार की तरफ से बांग्लादेश जाने की अनुमति है। हालांकि,

वीजा मंजूर न होने की स्थिति में उन्हें टिकट कैंसल करने होंगे।

 

चौधरी ने हाल ही में नागरिकता कानून (सीएए) के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह को धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि

अगर केंद्र सरकार सीएए वापस नहीं लेता, तो हम शाह को कोलकाता एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकलने देंगे। वे जब भी यहां

आएंगे, हम उन्हें रोकने के लिए एक लाख लोग एयरपोर्ट के बाहर इक_ा कर देंगे। चौधरी ने कहा कि सीएए मानवता के

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साथ देश के उन नागरिकों के खिलाफ है, जो सालों से यहां रह रहे हैं।

 

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