नाराज किसानों को समझाने में नाकाम रहे एसडीएम, बैरंग लौटे

गरियाबन्द/देवभोग/मैनपुर। देवभोग, मैनपुर के 10 सहकारी समिति के किसान नेशनल हाइवे

पर गोहरापदर व स्टेट मार्ग में उरमाल के पास चक्काजाम कर प्रदर्शन कर रहे हैं। समर्थन में भाजपा

विधायक, पूर्व विधायक व भाजपा के पदाधिकारी भी साथ में मौजूद हैं। समझाइश के लिए पहुंचे

एसडीएम को भी बैरंग लौटना पड़ा है।

 

शुक्रवार सुबह 6 बजे से किसान संघ व सहकारिता पदाधिकारियों के नेतृत्व में गोहरापदर के पास 200

से ज्यादा किसानों ने चक्काजाम कर आवाजाही अवरूद्ध कर दिया है। इसके अलावा देवभोग अमलीपदर

राज्य मार्ग को भी उरमाल के पास 100 से ज्यादा किसानों ने जाम कर दिया। किसान बीच सड़क पर ही दरी

बिछाकर बैठ गए। सड़क के अलग- बगल से आवाजाही न हो इसके लिए वाहन और साइकिल को लगा

दिया गया है।

 

प्रदर्शन में खरीदी योजना तक पर्याप्त बारदाना की सप्लाई, किसानों के घर-घर जाकर की जा रही कार्रवाई

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को रोकने के अलावा रकबा में हुई नियम विरुद्ध कटौती, उपार्जन केंद्रों में उठाव जल्द कराने समेत 6 मांगों

को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी, भाजपा विधायक डमरूधर पुजारी

समेत भाजपा के जिला व प्रदेश पदाधिकारी भी इस प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे हैं।

वाहनों की लंबी कतार, यात्री परेशान

प्रदर्शन के कारण नेशनल हाइवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। माल वाहकों के अलावा दोनों छोर

पर यात्री बस भी कतारों में खड़े है। यात्री व जरूरी आवाजाही वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा

है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। इसके अलावा जरूरी काम से

बाहर निकलने लोगों को भी समय पर नहीं पहुंच पाने की चिंता सता रही है।

एसडीएम की समझाइश पर भी नहीं माने

किसानों का चक्काजाम खत्म करने एसडीएम भूपेंद्र साहू अमले के साथ स्थल पर पहुंचे और व्यवस्थाओं के लिए किए

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जा रहे प्रयासों का हवाला देकर प्रदर्शन खत्म करने का आग्रह किया, लेकिन किसानों ने दो टूक में कह दिया कि जब

तक बारदाने केंद्रों में पहुंच कर खरीदी शुरू नहीं हो जाती, धान जब्ती के प्रकरण पर सुनवाई शुरू नहीं होती और

शेष मांगों पर अमल शुरू नहीं हो जाता तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

 

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