CG Road Accident: छत्तीसगढ़ राज्य में दशहरे का पावन पर्व कई परिवारों के लिए मातम में बदल गया। बुधवार का दिन राज्य में सड़क दुर्घटनाओं के नाम रहा, जहां अलग-अलग जिलों में हुए भीषण हादसों में कुल चार लोगों की जान चली गई।
त्योहार की खुशियों के बीच आई इन दुखद खबरों से पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस और प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद सड़क हादसों पर लगाम नहीं लग पा रही है।
कांकेर जिले में नंदनमारा के पास दर्दनाक हादसा
पहली बड़ी घटना कांकेर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नंदनमारा इलाके की है। यहां बीती रात एक तेज रफ्तार सड़क दुर्घटना में दो स्थानीय युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों मृतक नंदनमारा गांव के ही रहने वाले थे। इस अचानक हुई दुर्घटना से मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में शोक के साथ-साथ भारी आक्रोश का माहौल बन गया है।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, बाईपास पर किया चक्काजाम
कांकेर में हुई दुर्घटना के विरोध में बुधवार की सुबह स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों सहित ग्रामीणों ने नंदनमारा के पास बाइपास मार्ग पर जोरदार चक्काजाम कर दिया। इस प्रदर्शन के कारण मार्ग पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीण अपनी सुरक्षा और न्याय की मांग को लेकर सड़क पर डटे रहे।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें और प्रशासन की मौजूदगी
चक्काजाम कर रहे ग्रामीणों की मांग है कि इस बाइपास मार्ग पर तुरंत स्ट्रीट लाइट, स्पीड ब्रेकर और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति न हो सके। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। अधिकारी लगातार ग्रामीणों को समझाने और मनाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीण ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी हादसों की रात
दूसरी ओर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी दशहरा की रात हादसों की रात साबित हुई। पर्व की खुशियों के बीच जिले के अलग-अलग स्थानों पर एक के बाद एक कई सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन विभिन्न हादसों में करीब 24 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि दो लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। रातभर अस्पतालों में घायलों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
घायलों का अस्पताल में इलाज और सिम्स रेफर
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में हुए हादसों के बाद घायलों को तुरंत 112 और 108 एंबुलेंस तथा निजी वाहनों की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। मरवाही क्षेत्र में चंगेरी निवासी सूरज केवट और रामगढ़ निवासी राजेश्वर सिंह की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से घायल तीन अन्य लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर स्थित सिम्स (SIMS) रेफर किया गया है, जबकि करीब 19 घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
अधिकांश बाइक सवार बने हादसों का शिकार
चिकित्सकों के अनुसार, जिला अस्पताल में भर्ती अधिकांश घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दशहरा की रात हुए अधिकांश सड़क हादसों में बाइक सवार युवक ही शिकार हुए हैं। कई लोग दशहरा मेला देखकर अपने घर वापस लौट रहे थे, जबकि कुछ मामलों में नशे की हालत में वाहन चलाने या अनियंत्रित होने से दुर्घटनाएं होने की बात सामने आ रही है।
त्योहारी सीजन में प्रशासन की अपील और सुरक्षा व्यवस्था
इन लगातार हुई दुर्घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और यातायात विभाग लगातार लोगों से वाहन चलाते समय सावधानी बरतने, हेलमेट पहनने और शराब पीकर गाड़ी न चलाने की अपील कर रहा है। बहरहाल, दशहरे की रात छत्तीसगढ़ में हुए इन हादसों ने कई घरों के उजड़ने का गम छोड़ दिया है, जिस पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन अपनी नजर बनाए हुए है।



