रायपुर। कोरबा के कटघोरा वन मंडल में हाथी की मौत के बाद से विभाग में हड़कंप मच गया।

छत्तीसगढ़ शासन के वन विभाग द्वारा दलदली क्षेत्र में फसी मादा हाथी की मृत्यु की घटना को

गंभीरता से लेते हुए कटघोरा वन परिक्षेत्र के प्रभारी वन मंडलाधिकारी (DFO) डी.डी.संत को

तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

 

वहीं मुख्य वन संरक्षक वन मंडल (CCF) (वन्यप्राणी) बिलासपुर पी.के. केशर (भा.व.से.) को इस

प्रकरण में कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। दरअसल दलदल में फंसी मादा हाथी को

50 घंटे बाद भी रेस्क्यू कर निकाला नहीं जा सका। जिसके बाद आखिरकार हाथी की मौत हो गयी।

 

हद तो तब हो गयी कि पूरे रेसक्यू तक सीनियर अफसर मौके पर नहीं पहुंचे और जिस क्रेन को

खानापूर्ति के भेजा गया था, वो मौके पर पहुंचने से पहले ही खुद ही दलदल में धंस गया।

 

शासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम-1965

के नियम-3 के उल्लंघन का दोषी मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील)

नियम-1966 के तहत उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

 

पी.के. केशर (भा.व.से.) को उक्त घटना के लिए शासकीय कार्य के प्रति उदासीनता तथा लापरवाही

बरतने के लिए अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम-1968 के नियम-3 का उल्लंघन मानते हुए

कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। उन्हें सात दिन के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है।

 

 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।