नई दिल्ली। आतंकवादियों द्वारा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में टारगेट किलिंग के तहत कई लोगों की हत्या किए जाने के बाद अब केंद्र सरकार टारगेट किलिंग के खिलाफ एक नई योजना बनाने जा रही है। नई योजना से जम्मू और कश्मीर में टारगेट किलिंग का सिलसिला अब थमने के आसार है। खबर है कि राज्य में कई एजेंसियां और सुरक्षाबलों ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए योजना बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बीते साल अक्टूबर से लेकर अब तक जम्मू और कश्मीर में टारगेट किलिंग के आंकड़े काफी बढ़ गए थे। केंद्रीय गृहमंत्रालय ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी को आम नागरिकों की हत्याओं के बड़ी साजिश की जांच का जिम्मा सौंपा था।


मिली जानकारी के अनुसार, कई एजेंसियां और सुरक्षाबलों ने ऐसे नागरिकों की पहचान का काम शुरू किया है, जो आतंकियों के निशाने पर हो सकते हैं। साथ ही उनकी सुरक्षा के लिए भी योजना तैयार की जा रही है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि हाल ही में गृहमंत्री अमित शाह की सुरक्षा समीक्षा को लेकर हुई बैठक के बाद एजेंसियों ने काम शुरू कर दिया था। अलग-अलग एजेंसियों के अधिकारियों ने भी जमीनी स्तर पर जानकारी जुटाने के लिए केंद्र शासित प्रदेश का दौरा किया था।

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एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की। बैठक में टारगेट किलिंग्स को लेकर चिंताएं जाहिर की गई थीं और पैटर्न्स, डेटा और अन्य जानकारी को एनेलाइज कर संभावित लक्ष्यों की पहचान का फैसला किया गया और इस संबंध में निर्देश दिए गए थे। खुफिया एजेंसियों को ग्राउंड लेवल इंटेलिजेंस देने के लिए कहा गया है। साथ ही स्थानीय प्रशासन से इन संभावित लक्ष्यों की सुरक्षा की योजना तैयार करने के लिए कहा गया है। इस संबंध में इस महीने बैठक भी हो चुकी है।


रिपोर्ट के अनुसार, पता चला है कि सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की तरफ से जोखिम भरे इलाकों और लोगों की पहचान करने के बाद केंद्रीय बलों को उन्हें सुरक्षा देने के लिए कहा जाएगा। चूंकि, एक-एक व्यक्ति को सुरक्षा मुहैया कराना मुमकिन नहीं है। इसलिए एजेसियां अलग-अलग एक्शन प्लान पर काम कर रही हैं। तीन सप्ताह पहले ही दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले स्थित चोटीगाम इलाके में कश्मीरी पंडित को गोली मार दी गई थी। घटना में उनके भाई घायल हो गए थे। जुलाई में केंद्र सरकार ने कहा था कि 2019 में आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से 118 नागरिकों की हत्या हो गई थी।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।